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हर बार सनातन को ही क्यों तारगेट किया जाता है : धीरेंद्र शास्त्री बागेश्वरधाम

नई दिल्ली। बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हमारे बारे में दिखाया गया कि सफाई देते-देते हमारी आंखें भर गई हैं। अरे सफाई देते-देते हमारी आंखें क्यों भरेंगी? हम बब्बर शेर हैं। हमने झंडा गाड़कर उनको रुला दिया है। लोगों को आंखें खुली रखकर देखना चाहिए। https://sarthakpahal.com/

अंतर्यामी तो केवल परमात्मा है
बागेश्वर धाम से महाराज धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हम कोई अंतर्यामी नहीं हैं और न ही हमने कभी ऐसा दावा किया हैं। अंतर्यामी तो सिर्फ परमात्मा है। धीरेंद्र शास्त्री पर नागपुर में कथा को बीच में ही छोड़कर चले आने का आरोप है। बागेश्वर पीठाधीश्वर ने कहा कि मैं कोई तपस्वी नहीं हूं, लेकिन पूरा बचपन तपस्या में बीता है। बचपन से ही हनुमान चालीसा का पाठ किया।

‘जावरा दरगाह में लोग जमीन पर लोटते, पीटते हैं, लेकिन इस बारे में कोई बात नहीं करता. क्या किसी ने जावरा पर सवाल किया है और एक हिंदू महात्मा के सामने इस इस तरह की घटना होती है, तो प्रश्नचिह्न उठाते हैं।’ कैलाश विजयवर्गीय, बीजेपी नेता

‘बागेश्वर से सभी पंथ के लोग जुड़े हैं’
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हमसे बहुत मुसलमान जुड़े हैं। बहुत क्रिश्चियन भी आते हैं। अन्य पंथों के लोग भी आते हैं। हम मानव होने के नाते सबकी मदद करते हैं। बस हमारे सामने जो आएगा, वो सनातनी बनेगा, हम बालाजी से प्रार्थना करेंगे। बागेश्वर के महाराज से पूछा कि आपके दरबार में जब लोग आते हैं तो वो तड़पने लगते हैं, अपने आपको मारने लगते हैं। उस समय लोगों को क्या हो जाता है? इस पर उन्होंने कहा कि नकारात्मक और सकारात्मक ऊर्जा की लड़ाई है। हम कुछ नहीं, हम पर तो कोई प्रेत नहीं चढ़ा है।

धर्म से राजनीति चलती है, राजनीति से धर्म नहीं
इसके साथ ही उन्होंने पठान के बेशरम गाने पर कहा कि हर बार भगवा ही क्यों और भी रंग हैं उनको भी बेशरम बनाओ। हर बार सनातनी ही क्यों तारगेट किया जाता है? हर बार संत ही क्यों? धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जो सनातन के खिलाफ बोलेगा। चाहे वो फिल्म वाले हों, राजनेता हों। हम उसके खिलाफ बोलेंगे। हिंदुओं को भड़काने के आरोप  पर कहा कि हम उन्हें एकजुट करते हैं। धीरेंद्र शास्त्री ने सुरक्षा को लेकर कहा कि उनके पीछे कुछ लोग पड़े हुए हैं। सभी की सुरक्षा करने सरकार का कर्तव्य है। मिशनरियों ने भ्रम फैलाया। उसके डर की वजह से माहौल खराब न हो जाए। इसलिए मुझे सुरक्षा मिलती है। धर्म से राजनीति चलती है, राजनीति से धर्म नहीं।

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