
देहरादून। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर को नल से स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चल रहे जल जीवन मिशन के तहत 1000 गांवों के प्रत्येक घर को नल से जोड़ा जा चुका है। अब गांवों को इससे आच्छादित घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
24 मार्च विश्व जल दिवस को की जायेगी इन गांवों की घोषणा
सचिव पेयजल नितेश कुमार झा ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि मिशन में अभी तक 2546 गांवों में प्रत्येक घर को नल से जोड़ा जा चुका है। अब मिशन के चार कंपोनेंट की कसौटी पर परखते हुए इनका सत्यापन चल रहा है। 24 मार्च से पहले एक हजार गांवों में यह कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। अभी हर घर जल वाले 65 गांव चिह्नित किए जा चुके हैं। इसी दिन मुख्यमंत्री धामी एक हजार ऐसे गांवों की घोषणा करेंगे, जिनमें शत-प्रतिशत घरों को नल से जल उपलब्ध हो रहा है।
मिशन के चार महत्वपूर्ण तत्व
जल जीवन मिशन के चार भागों में हर घर में जल संयोजन, प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 55 लीटर पानी की आपूर्ति, रोजाना जलापूर्ति व उच्च गुणवत्तायुक्त जल शामिल हैं। इन चारों के पूर्ण होने पर ही किसी गांव को हर घर जल से आच्छादित माना जाता है। इन्हीं कंपोनेंट के आधार पर जिलाधिकारियों के माध्यम से सत्यापन किया जा रहा है।
मिशन को समय से पूर्व पूरा करने की जिम्मेदारी लें डीएम
प्रदेश में चल रहे जल जीवन मिशन को मार्च 2024 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इस कड़ी में अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बुधवार को सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक में सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस मिशन को समय से पूर्ण करने के लिए जिम्मेदारी लें। https://sarthakpahal.com/
उन्होंने सभी डीएम को राज्य के प्रत्येक स्कूल, आंगनबाड़ी, पंचायतघर, वेलनेस सेंटर में जलापूर्ति, वाश बेसिन व शौचालय की उपलब्धता और प्रत्येक गांव में पानी की गुणवत्ता की जांच समयबद्धता से करने को कहा। उन्होंने सभी गांवों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सामुदायिक संस्थानों में फील्ड टेस्टिंग किट से पानी की गुणवत्ता जांचने को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। साथ ही मिशन में हुए कार्यों का थर्ड पार्टी निरीक्षण कराने को भी कहा।