
सार्थक पहल। सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें तुर्की-सीरिया में आए भूकंप के बाद सुरक्षाकर्मी ताश के पत्तों की तरह बिखरे घरों के मलबों को हटा रहे थे, तभी उन्हें एक जिंदा बच्चा नजर आता है तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहता।
तुर्की और सीरिया में सोमवार को आए भूकंप के झटकों से अब तक 21 हजार से ज्यादा लोगों की जिंदगी समाप्त हो चुकी है, जबकि अभी भी हजारों जिंदगियां मलबे में दफन हैं। हर तरफ पसरे मौत के मातम में जब एक जिंदगी का एहसास हो तो खुशी किस हद तक बढ़ जाती है, इसका एहसास मौत को मात देने वाले के चेहरे के साथ-साथ उनके चेहरे पर भी झलकती है, जो बचाव और राहत कार्य में लगे रहते हैं। इसका एक नजारा उस समय देखने को मिला, जब बचावकर्मी मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए कड़ाके की ठंड से जूझते नजर आ रहे थे, तभी ऐसे में एक ऐसी तस्वीर सामने आती है, जो हर किसी के चेहरे पर मुस्कान बिखेर देती है। देखिये वीडियो
वीडियो में नजर आ रहा है कि सीरिया में मलबे में निकाले जाने पर एक छोटा सा बच्चा खुशी से मुस्कुरा रहा है। इस वीडियो को सीरिया और तुर्की में काम कर रहे एक संगठन ने सोशल मीडिया पर अपलोड किया है। इस वीडियो में दिखाया गया है कि करम नाम के लड़के को सीरिया के इदलिब के अरमानज गांव में एक नष्ट हुए घर के मलबे के ढेर से बचाया गया है। मलबे से निकाले जाने के बाद उसके चेहरे पर खुशी देखकर बचावकर्मी भी खुशी से झूम उठे। बच्चा बाहर निकलकर खुशी से बचावकर्मियों के गालों को खींचता है और उनके साथ खेलता है। बचावकर्मी भी इस छोटे से बच्चे को चूमते और उसे गले लगाते नजर आ रहे हैं। ऐसा लगता है कि जैसे फिजाओं में खुशी की लहरें हिलोरें मारने लगी हों। https://sarthakpahal.com/
फरिश्ते के इंतजार में कई जिंदगियांकई जिंदगियां अभी भी मलबे में दबी हुई किसी फरिश्ते के पहुंचने का इंतजार कर रही हैं। इन मलबों से नवजात बच्चे निकल रहे हैं, जो अभी-अभी इस धरती पर आए ही थे। तुर्की में रेस्क्यू ऑपरेशन की कहानियां भावुक कर देने वाली हैं। यहां एक ऐसी बच्ची का रेस्क्यू किया गया है, जिसका जन्म भूकंप के बाद मलबे में हुआ। इस बच्ची की मां इसे जन्म देने के बाद मलबे में ही मर गई, जबकि इसका गर्भनाल मां से ही जुड़ा हुआ था।
‘मानवता और खुशियों का कोई नाम नहीं होता, ये तो बस काम और चेहरे से बयां हो जाती है।’