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फेल होकर भी पास होने का मौका, नया ग्रेडिंग सिस्टम और दो बार परीक्षा! CBSE बहुत कुछ बदलने वाला है

नई दिल्ली, 1 अप्रैल। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की ओर से कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं के सिलेबस में कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं। ये बदलाव पढ़ाई के तरीकों को और ज्यादा बेहतर बनाने और बच्चों को नए हुनर सिखाने के मौके देने के लिए हुए हैं। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों कक्षाओं के सिलेबस को बदला गया है, आइए यहां पर आपको बताते हैं कि सीबीएसई के सिलेबस में क्या बदलाव हुए हैं।

CBSE ने 12वीं में जोड़े नए सब्जेक्ट्स
कक्षा 12 के छात्रों के लिए भी सिलेबस में कुछ नए विषय जोड़े गए हैं। चार नए स्किल-आधारित इलेक्टिव शुरू किए गए हैं: लैंड ट्रांसपोर्टेशन एसोसिएट, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर, फिजिकल एक्टिविटी ट्रेनर और डिजाइन थिंकिंग एंड इनोवेशन। प्रैक्टिकल और वोकेशनल स्किल्स के लिए इन्हें जोड़ा गया है ताकि बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ काम करने के लिए जरूरी चीजें सिखाई जा सकें।

CBSE बोर्ड 10वीं के सिलेबस में बदलाव
सीबीएसई बोर्ड ने कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए अब एक नया नियम जोड़ा है। उन्हें तीन स्किल-आधारित सब्जेक्ट्स में से चुनाव करना होगा। ये विषय हैं: कंप्यूटर एप्लीकेशन, इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हैं।

इसका मतलब बच्चों को कंप्यूटर से जुड़ी कोई एक चीज सीखनी होगी। इसके अलावा अपनी भाषा विषय के तौर पर अंग्रेजी या हिंदी में से किसी एक को चुनना होगा। वे इसे कक्षा 9 या 10 में पढ़ सकते हैं। एक बड़ा बदलाव यह भी है कि अगर कोई छात्र गणित, साइंस, सोशल साइंस, या किसी भाषा जैसे मुख्य विषय में फेल होता है, तो फाइनल रिजल्ट में पास किए गए स्किल विषय या एक वैकल्पिक भाषा विषय के साथ इसे बदला जा सकता है। इसका मतलब है कि अगर आप किसी विषय में फेल हो जाते हैं, तो भी आपके पास पास होने का एक और मौका है।

7 हिस्सों में बंटा CBSE का नया सिलेबस
नया सिलेबस सात मुख्य भागों में बांटा गया है: भाषाएं, मानविकी (ह्यूमेनिटीज), गणित, विज्ञान, स्किल विषय, जनरल स्टडीज और हेल्थ एंड फिजिकल एजुकेशन।

CBSE का ग्रेडिंग सिस्टम भी बदला
सीबीएसई ने सिलेबस बदलने के साथ-साथ कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए ग्रेडिंग सिस्टम में भी बड़ा बदलाव किया है। अब 9-पॉइंट ग्रेडिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। इसका मतलब है कि आपके नंबरों को ग्रेड में बदला जाएगा।

दो बार CBSE बोर्ड परीक्षा
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा को लेकर एक और बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। कक्षा 10वीं के छात्र अब साल में 2 बार बोर्ड परीक्षा का हिस्सा बन सकेंगे। पहली परीक्षा का आयोजन फरवरी में होगा और दूसरी अप्रैल में। यह इसी सालसे शुरू हो रहा है। हालांकि, कक्षा 12 की परीक्षाएं पहले की तरह साल में एक बार ही होंगी। 2026 की परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होंगी।

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