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14 साल बाद महंगा हुआ पासपोर्ट बनाना, 1 जुलाई से लागू हो जायेंगी नई बढ़ी हुई दरें

नई दिल्ली, 25 जून। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट और उससे जुड़ी सर्विस की फीस में बड़ा बदलाव किया है. ये बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब देश भर में पासपोर्ट को नागरिकता का प्रमाण माने जाने को लेकर बहस चल रही है. विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 जारी करते हुए इसे अगले महीने से ही लागू करने के निर्देश दिए हैं.

साल 2012 में आखिरी बार हुआ था फीस में बदलाव
नए नियमों के तहत 1 जुलाई 2026 से पासपोर्ट के नए शुल्क लागू होंगे. इस बदलाव के तहत अब पासपोर्ट बनवाना दो हजार रुपये तक महंगा पड़ सकता है. इससे पहले साल 2012 में आखिरी बार पासपोर्ट बनवाने की फीस बढ़ाई गई थी. इस तरह ये बदलाव 14 साल बाद हुआ है.

वयस्कों के लिए (18 वर्ष से अधिक आयु) नए शुल्क
36 पेज का सामान्य पासपोर्ट के लिए अब 2,500 रुपये देने होंगे, जो पहले 1,500 था। 36 पेज का तत्काल पासपोर्ट की फीस बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दी गयी है, पहले यह 3,500 रुपये थी। इसी तरह पासपोर्ट खराब या खोने पर रिप्लेसमेंट शुल्क में भी बढ़ोतरी की गयी है। सामान्य पासपोर्ट खोने पर 5,000 और तत्काल के लिए 7,500 रुपये शुल्क देना पड़ेगा।

सरकार ने इसके लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है. नई व्यवस्था लागू होने के बाद नया पासपोर्ट बनवाने, पासपोर्ट रिन्यू कराने और अन्य संबंधित सेवाओं के लिए संशोधित शुल्क देना होगा. इसके साथ ही पासपोर्ट नियम, 1980 की पुरानी शुल्क सूची (शेड्यूल-IV) को हटाकर नई शुल्क सूची लागू कर दी जाएगी. विदेश मंत्रालय ने कहा है कि 1 जुलाई 2026 से सभी पासपोर्ट सेवाओं पर नए शुल्क लागू होंगे.

जन्म प्रमाण पत्र अब अनिवार्य
1 अक्टूबर 2023 या उसके बाद पैदा हुए किसी भी व्यक्ति के लिए पासपोर्ट बनवाते समय जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में बर्थ सर्टिफिकेट देना अनिवार्य कर दिया गया है। पहले ड्राइविंग लाइसेंस, पेन कार्ड या स्कूल सर्टिफिकेट से भी काम चल जाता था।

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