
केएस रावत, 26 फरवरी। कोटद्वार और पौड़ी गढ़वाल इलाके की नयार नदी हाल के वर्षों में उत्तराखंड में नये एडवेंचर हब के रूप में उभरी है। राज्य सरकार और पर्यटन विभाग इस इलाके को ऋषिकेश के विकल्प के तौर पर विकसित कर रहा है। सतपुली-बिलखेत क्षेत्र में आयोजित तीन दिवसीय नयार वैली एडवेंचर फेस्टिवल-2026 के तहत नयार नदी साहसिक खेल गतिविधियों से गुलजार हो गई। बांघाट से व्यासघाट तक क्याकिंग और एंगलिंग प्रतियोगिताओं ने आयोजन को रोमांचक बना दिया है। विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों के प्रदर्शन को देखने के लिए स्थानीय लोगों और पर्यटकों की बड़ी संख्या जुट रही है।
महाशीर मछली के लिए प्रसिद्ध है नयार नदी
नयार नदी अपनी महाशीर मछली के लिए दुनिया में फेमस है। यहां पकड़ो और छोड़ो नीति के तहत एंगलिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो शौकिया मछुआरों के लिए बहुत बड़ा आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। एंगलिंग और क्याकिंग गतिविधियां बांघाट से व्यासघाट तक निर्धारित रूट पर आयोजित की जा रही हैं। एंगलिंग प्रतियोगिता में बेंगलुरू, अल्मोड़ा और पौड़ी सहित विभिन्न स्थानों से आए 12 एंगलर्स प्रतिभाग कर रहे हैं। पहले दिन अल्मोड़ा के संजू परोरिया ने लगभग 2 किलोग्राम की महाशीर मछली पकड़ी, जबकि संजय कुमार ने सर्वाधिक 10 मछलियां पकड़ीं। एंगलिंग प्रतियोगिता प्रतिदिन सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित की जा रही है।
ऋषिकेश और नैनीताल का विकल्प हो सकती है नयार घाटी इलाका
कोटद्वार से सतपुली के बीच नयार नदी के तटों पर पर्यटन बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है। नदी के किनारे कैंपिंग साइट्स को अनुमति दी जा रही है। गांवों को जोड़ने वाले छोटे ट्रैक विकसित किये जा रहे हैं, ताकि पर्यटन स्थानी संस्कृति का अनुभव ले सकें। सरकार ने नयार घाटी को एय और एक्वा स्पोर्ट्स के लिए एक विशेष जोन घोषित करने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य ऋषिकेश और नैनीताल के भीड़भाड़ वाले पर्यटन को कम कर इस शांत घाटी की ओर जोड़ना है।
नयार नदी में क्याकिंग प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र
नयार नदी की तेज धारा में आयोजित क्याकिंग प्रतियोगिता भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसमें विभिन्न राज्यों से आए 22 क्याकर्स भाग ले रहे हैं, जिन्होंने अपने कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि नयार घाटी साहसिक पर्यटन के लिए अत्यंत संभावनाशील क्षेत्र है और ऐसे आयोजन क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में सहायक होंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन स्थानीय युवाओं को कयाकिंग, एंगलिंग और पैराग्लाइडिंग जैसी गतिविधियों का प्रशिक्षण देकर पर्यटन आधारित रोजगार से जोड़ने का प्रयास कर रहा है। महोत्सव के दौरान सुरक्षा, चिकित्सा और तकनीकी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखी गई हैं।



