
कोटद्वार, 27 मई। उत्तराखंड के कोटद्वार में प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है. टीम ने नगर निगम क्षेत्र में अतिक्रमण की गई सार्वजनिक/सरकारी भूमि पर से लगभग 50 मीटर लंबी तारबाड़ व अन्य अवैध कब्जों को हटाकर भूमि को पूरी तरह से कब्जामुक्त कराया. जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए कोटद्वार क्षेत्र के वार्ड नंबर-20 पदमपुर सुखरौं स्थित जनशक्ति विहार लेन-2 में अवैध तारबाड़ को हटाकर सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया।
कोटद्वार में अतिक्रमण पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
नगर निगम, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश पर प्रदेश भर में अतिक्रमण ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी है. पौड़ी जिले के कोटद्वार, रिखणीखाल, धुमाकोट, बीरोंखाल, गुमखाल, दुगड्डा समेत कई राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुलडोजर चलाया जा रहा है. सड़क किनारे अतिक्रमण किए गए लोगों द्वारा प्रशासन का विरोध भी किया जा रहा है. लेकिन प्रशासन की कार्रवाई जारीहै.
स्थानीय निवासियों ने दर्ज की थी शिकायत
उपजिलाधिकारी कोटद्वार संदीप कुमार ने बताया कि मीनाक्षी चमोली एवं अन्य स्थानीय निवासियों द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने एंगल लगाकर सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण कर लिया है, जिससे आम लोगों के आवागमन में परेशानी हो रही थी। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने तत्काल संयुक्त टीम गठित कर मौके पर कार्रवाई सुनिश्चित की।
राजकीय भूमिस, सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण बर्दास्त नहीं
उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजकीय भूमि, सार्वजनिक रास्तों और आमजन के उपयोग वाले मार्गों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



