गृह मंत्रालय का निर्देश, तिरंगे का न हो अपमान, प्लास्टिक के झंडों के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध

पौड़ी, 26 अगस्त, 26. जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जनपद के सभी विभागाध्यक्षों एवं कार्यालयाध्यक्षों को भारतीय झंडा संहिता, 2002 (यथासंशोधित) तथा राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
ध्वज फहराने के नियम और समय
2022 के संशोधन के बाद कोई भी नागरिक, निजी संस्थान या शैक्षणिक संस्थान या अपने घर अथवा परिसर में दिन-रात तिरंगा फहरा सकते हैं। ध्वज का आकार आयताकार और इसकी लंबाई चौड़ाई का अनुपात हमेशा 3:2 होना चाहिए। किसी भी अन्य ध्वज को को राष्ट्रीय ध्वज से ऊंचा या उसके बराबर नहीं लगाया जाएगा। जिलाधिकारी ने गृह मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान एवं उसके उचित उपयोग से संबंधित प्रावधानों के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने बताया कि नागरिक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय, सांस्कृतिक एवं खेलकूद अवसरों पर कागज से निर्मित राष्ट्रीय ध्वज का उपयोग कर सकते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी कार्यक्रम अथवा समारोह की समाप्ति के बाद कागज से बने राष्ट्रीय ध्वजों को विकृत न किया जाए और न ही उन्हें भूमि पर फेंका जाए। ऐसे ध्वजों का निस्तारण उनकी गरिमा एवं सम्मान के अनुरूप किया जाना चाहिए। तिरंगे को कभी भी उल्टा नहीं फहराया जाना चाहिए। केसरिया रंग की पट्टी हमेशा सबसे ऊपर होनी चाहए।
जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों एवं कार्यालयाध्यक्षों को राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान तथा इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए आवश्यक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।



