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जोशीमठ पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज कुंभ क्षेत्र में सनातन बोर्ड का किया गठन

प्रयागराज, 14 जनवरी। महाकुंभ में 27 जनवरी को होने वाली धर्म संसद की बैठक से पहले ही ज्योतिर्मठ पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सनातन संरक्षण परिषद सनातन बोर्ड का गठन कर दिया है. इसके साथ ही परिषद में 54 सदस्यों के नाम भी बताए हैं. यही लोग मिलकर देश में सनातन धर्म की रक्षा के साथ ही मठ मंदिरों पर किये जा रहे सरकारी नियंत्रण को मुक्त करवाने के लिए भी प्रयास करेंगे.

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की तरफ से सनातन बोर्ड के गठित करने की घोषणा परम धर्म संसद में 12 जनवरी यानि रविवार को की गयी. जिसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से आये हुए व्यक्तियों को जिम्मेदारियां सौंपी गयी हैं. शंकराचार्य शिविर की तरफ से जारी की गयी सूचना के मुताबिक सनातन धर्म की रक्षा के लिए 54 सदस्यों वाली सनातन बोर्ड कार्य करेगी. जिसमें 36 प्रमुख धर्माचार्य और 18 विषय विशेषज्ञ शामिल होंगे. इसमें केंद्र और प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे.

केंद्र और प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि भी सदस्य
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बताया कि सनातन बोर्ड में चारों पीठ के शंकराचार्य,जगद्गुरु रामानुजाचार्य, जगद्गुरु निंबार्काचार्य,जगदगुरु वल्लभाचार्य शामिल रहेंगे. इसके साथ ही 13 अखाड़े के एक-एक प्रमुख भी इस बोर्ड में शामिल रहेंगे. राम जन्मभूमि ट्रस्ट और हनुमानगढ़ी मंदिर के प्रमुख के साथ तिरुपति, तिरुमला धाम और उत्तराखंड के चारों धाम के प्रमुख भी इसमें शामिल किए जाएंगे. इसके साथ ही केंद्र और प्रदेश सरकार के प्रतिनिधियों को भी सनातन बोर्ड में शामिल किये जाने का प्रस्ताव पास किया गया है./देश विदेश की ताजा खबरों के लिए देखते रहिये https://sarthakpahal.com/

बोर्ड में 36 प्रमुख धार्मिक स्थानों के धर्माचार्य शामिल
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने धर्म संसद से पास इस प्रस्ताव के अनुसार शुरुआत में इस बोर्ड में 36 प्रमुख धार्मिक स्थानों के धर्माचार्य शामिल रहेंगे. जबकि 18 विषय विशेषज्ञों को समय और क्षेत्र के अनुसार शामिल किया गया है. शंकराचार्य ने बताया कि अभी 54 लोग एक समन्वय बनाकर सनातन संरक्षण परिषद बनाकर कार्य करेंगे. उन्होंने कहा कि सनातन के नाम पर कार्य करने का दावा करने वाले बहुत से संस्थान है, जो खुद को सनातन हिंदू के लिए धर्म के लिए काम करने वाला बताती हैं, लेकिन सनातन धर्म से उनका कोई वास्ता नहीं है. वह वेद शास्त्र के अनुसार अपने को नहीं चलाती हैं. इस कारण से ऐसे लोगों और संस्थाओं के प्रसिद्ध होने के बाद भी उन्हें इस परिषद में शामिल नहीं किया गया है.

सनातन बोर्ड को लेकर अखाड़ा परिषद करने वाली है धर्म संसद
बता दें अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और प्रसिद्ध कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर की तरफ से साझा रूप से 27 जनवरी को महाकुम्भ में धर्म संसद करने की घोषणा की गयी हैं. इसके साथ ही उनके द्वारा 27 जनवरी को होने वाली धर्म संसद में सनातन बोर्ड के गठन को लेकर विस्तार से चर्चा करने के बाद उसके गठन की बात कही गयी है. जबकि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अभी ही सनातन बोर्ड के गठन की घोषणा करने के साथ ही उसमें कौन-कौन शामिल रहेगा उसका भी एलान कर दिया है.

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