जंगल में गुलदार से भिड़ी महिला, कई मिनट तक दरांती से चली लड़ाई

कोटद्वार। जंगल में गुलदार से महिला डेढ़ मिनट तक संघर्ष करती रही। आखिरकार उसके साहस के कारण उसकी जान बच गयी। पौड़ी गड़वाल के रिखणीखाल ब्लाक के बरई गांव निवासी एक महिला जंगल में जानवरों के लिए घास लेने गयी थी। इसी दौरान से गुलदार से उसका आमना-सामना हो गया। गुलदार ने महिला पर हमला बोल दिया। महिला भी अपनी दरांती लेकर गुलदार से भिड़ गयी।
उत्तराखंड में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन कहीं न कहीं इसके हमले की घटनाएं सामने आती रहती हैं। मंगलवार को कालागढ़ टाइगर रिजर्व फारेस्ट वन प्रभाग की अदनाला रेंज में जनपद पौड़ी गढ़वाल के प्रखंड रिखणीखाल में जंगल में पशुओं को घास लेने गई बरई गांव की निवासी सुमित्रा देवी (55) वर्ष पत्नी स्व. भरोसा नंद पर अचानक गुलदार ने हमला कर दिया। हालांकि महिला के साहस के आगे गुलदार को भागना पड़ा। गुलदार के हमले में घायल महिला का बेस अस्पताल में इलाज चल रहा है।
अचानक हुए गुलदार के हमले को देखते हुए सुमित्रा देवी ने गुलदार से दरांती से भिड़ते हुए शोर मचाना शुरू कर दिया। सुमित्रा देवी ने हाथ में थामी दरांती से गुलदार पर कई वार किया। जिससे गुलदार मौके से भाग गया। घायल सुमित्रा देवी को ग्रामीण उनके आवास में लेकर पहंुचे। साथ ही घटना की सूचना वन विभाग को दी। बाद में सुमित्रा देवी को उपचार के लिए कोटद्वार के बेस चिकित्सालय में लाकर भर्ती किया गया। सुमित्रा देवी के सिर व गले पर गुलदार के पंजों के निशान हैं।
प्रभागीय वनाधिकारी प्रकाश चंद्र आर्य ने बताया कि सूचना मिलते ही वन कर्मियों की टीम को मौके पर रवाना कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। जल्द ही शासन के निर्देशों के अनुरूप आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।