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लेंसकार्ट ड्रेसकोड विवाद: हिजाब को मंजूरी, बिंदी-तिलक पर चुप्पी; देहरादून में हिंदू संगठनों का विरोध

देहरादून, 23 अप्रैल। लेंसकार्ट की ड्रेस कोड नीति को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने लैंसकार्ट के विभिन्न स्टोर पर पहुंचकर अपना आक्रोश जताया। इस दौरान सभी स्टोर के बाहर भगवा ध्वज लगाए गये।

विवाद की मुख्य वजह
सोशल मीडिया पर लेंसकार्ट कंपनी का आंतरिक दस्तावेज वायरल हुआ है जिसमें कथित तौर प कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों के लिए कुछ नियम लिखे थे। कंपनी ने अपने स्टोर में बिंदी, तिलक, कलावा पहनने से मना किया था, जबकि हिजाब और पगड़ी पहनने की अनुमति दी थी। इसी के विरोध में देहरादून में कार्यकताओं ने इंदिरा नगर और निरंजनपुर समेत विभिन्न स्टोर पर जाकर नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने स्टोर के बाहर भगवा ध्वज लगाया। संगठन के अध्यक्ष ललित शर्मा ने कहा कि इस तरह के बयान से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सनातन संस्कृति को धूमिल करने वालों का होगा बायकाट
इन संगठनों ने लेंसकार्ट कंपनी को चेतावनी दी है कि यदि कंपनी ने अपनी नीतियों में सुधार नहीं किया तो वे स्टोर्स के भीतर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे और आंदोलन को और उग्र करेंगे। उनका कहना था कि कंपनी की पालिसी सनातन के खिलाफ है और यह बहुत बड़ी साजिश है। इस मौके पर महागर अध्यक्ष सागर ठाकुर, राधे गुप्ता, दीपक गुप्ता आदि मौजूद रहे। बजरंग दल के प्रांत मिलन प्रमुख विकास वर्मा ने कहा कि देश में इतना बड़ा व्यापार करने वाले यदि सनातन को अपमानित करते हैं तो कहीं ना कहीं बहुसंख्यक हिंदू समाज को एकजुटता के साथ विरोध करना चाहिए।

कंपनी के सीईओ पीयूष बंसल ने सफाई देकर माफी मांगी
कंपनी ने बयान जारी कर कहा है कि अगर उनकी किसी बात से किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची हो तो वे इसके लिए माफी मांगते हैं। लेंसकार्ट ने एक नई स्टाइल गाइड जारी की है, जिसमें स्पष्ट रूप से बिंदी, तिलक, कलावा, सिंदूर, मंगलसूत्र, हिजाब और पगड़ी जैसे सभी धार्मिक प्रतीकों को पहनने की अनुमति दी है। साथ ही कंपनी ने यह भी कहा है कि वायरल हो रहा दस्तावेज पुराना था और वह वर्तमान नीतियों का हिस्सा नहीं है।

कंपनी द्वारा स्पष्टीकरण और नई गाइडलाइन जारी करने के बाद स्थिति धीरे-धीरे शांत हो रही है, लेकिन संगठनों ने अभी भी इस पर पैनी नजर रखने की बात कही है।

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