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‘मुझे 25 लाख की जरूरत नहीं जब मेरा बेटा ही मेरे पास नहीं है’, RCB के मुआवजे पर मृतक के पिता का छलका दर्द

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हैदराबाद, 30 अगस्त। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के विजय समारोह के दौरान बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास हुई भगदड़ में 11 लोगों की जान चली गई थी. जिसके बाद आरसीबी ने मृतकों के परिवारों के लिए 10-10 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की थी. अब उस राशि को बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है.

आरसीबी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘4 जून, 2025 को हमारा दिल टूट गया. हमने आरसीबी परिवार के 11 सदस्यों को खो दिया. वे हमारा हिस्सा थे. हमारे शहर, हमारे समुदाय और हमारी टीम को विशिष्ट बनाने वाली चीजों का हिस्सा थे. उनकी अनुपस्थिति हम सभी की यादों में हमेशा रहेगी. उनके द्वारा छोड़ी गई जगह को कोई भी समर्थन कभी नहीं भर सकता. लेकिन सम्मान के साथ आरसीबी ने उनके परिवारों को 25-25 लाख रुपये देने का फैसला किया हैं. ये सिर्फ आर्थिक मदद के तौर पर नहीं, बल्कि करुणा, एकता और निरंतर देखभाल के वादे के तौर पर भी है.’

मुझे उनके मुआवजे की कोई जरूरत नहीं
आरसीबी की तरफ से मुआवजे की घोषणा किए जाने के बाद पीड़ितों के परिवारों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. भगदड़ नें जान गंवाने वालों में से एक भौमिक भी था. उनेक पिता लक्ष्मण डी.एच. ने ईटीवी भारत से दुख व्यक्त करते हुए कहा, ‘तीन महीने बाद भी, मेरे बेटे की याद मुझे सता रही है. ये पैसे मेरे बेटे को वापस नहीं ला सकते, मैंने पहले भी कहा था कि मुझे उनके मुआवजे की कोई जरूरत नहीं है.

लक्ष्मण ने आगे कहा, ‘ कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (केएससीए) की तरफ से भी बैंक में पैसे डिपॉजिट कराए गए होंगे, लेकिन मैं कभी देखने नहीं गया. किसी और ने हमसे संपर्क भी नहीं किया है, हमें उनके पैसों की भी जरूरत नहीं है. कृपया इस बारे में दोबारा बात न करें. इससे हमारे दुख ताजा हो जाते हैं’

पैसे से अपनों को खोने का दर्द नहीं मिटता
तुमकुर के रहने वाले मनोज कुमार के पिता देवराज का कहना है, ‘फ्रैंचाइजी द्वारा घोषित तत्काल आर्थिक सहायता 10 लाख रुपये तक पहुंच गई है. अब इसे बढ़ाकर 25 लाख रुपये किए जाने की कोई जानकारी नहीं है, अभी तक किसी ने हमसे संपर्क नहीं किया है. उन्होंने आगे कहा, ‘मनोज हमारा इकलौता बेटा था, चाहे कितनी भी रकम दे दी जाए, हमारे बेटे के वापस न आने का दुख कभी कम नहीं हो सकता.

चिक्काबल्लापुर के रहने वाले श्रवण केटी के भाई श्रीधर केटी ने कहा, ‘पहले घोषित किए गए 10 लाख रुपये मिल गए हैं. यह एक अच्छा कदम है कि फ्रैंचाइजी ने घर आकर चेक के जरिए पैसे पहुंचाए. लेकिन भाई के न होने का दर्द मुआवजे की रकम से नहीं मिटेगा. लेकिन अभी मुआवजे की रकम बढ़ाए जाने की कोई जानकारी नहीं है.’

आरसीबी केयर्स की घोषणा
दो दिन पहले, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने भगदड़ की घटना पर एक भावुक ट्वीट किया था. जिसमें आरसीबी केयर्स योजना की घोषणा की गई थी. जिसका मकसद भगदड़ से प्रभावित प्रशंसकों और परिवारों की सहायता करना है.

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