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पहाड़ों का सच: उफनाई ताल नदी में कुर्सी से बीमार को अस्पताल ले जाते ग्रामीण video

यमकेश्वर। पहाड़ों पर बरसात में क्या हालात होते हैं इस वीडियो को देखकर सबकुछ समझ में आ जायेगा। इस बार हुई मूसलाधार बारिश ने चारों तरफ तबाही मचाई है, खासकर यमकेश्वर ब्लाक में। तालघाटी में बरसात में स्थाई सड़क मार्ग न होने से बरसात में चार महीने स्थानीय लोगों की जान पर आफत बन आती है, क्योंकि यदि इस समय कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाए, तो उसे उफनती ताल नदी में पार कर ले जाने किसी चुनौती से कम नहीं है। बीन नदी पर स्थाई पुल और सड़क न होने का मलाल यहां के निवासीयों को वर्षों से है। बरसात के मौसम में तालघाटी के लोगों के लिए एक-एक दिन काटना दूभर होता है। तालघाटी के लोग विंध्यवासिनी आलवेदर रोड की मांग काफी समय करर रहे हैं, लेकिन उनकी यह मांग केवल सोशल मीडिया या कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं के पत्राचार तक ही सीमित होकर रह गयी है।

एक बीमार व्यक्ति को कुर्सी पर ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। स्थानीय लोगों द्वारा उन्हें अस्पताल पहुंचाने का इंतजाम किया गया। यह वीडियो विंध्यवासिनी मंदिर के आसपास का है। पूर्व प्रधान बुकंडी आनंद सिंह रावत ने बताया कि बुकंडी के बेलवाला तोक निवासी दर्शनी देवी को तेज बुखार आने से उनका स्वास्थ्य अचानक बिगड़ने लगा। स्थानीय निवासी उन्हें कुर्सी में बैठाकर गंगा भोगपुर पैदल ले गये। बीच में कई जगह ताल नदी की विकराल लहरों का सामना भी कहना पड़ा।

पूर्व प्रधान के अनुसार करीब 10 किलोमीटर दूर पैदल चलकर और बहती ताल नदी की तेज धारा को पार करके उन्हें गंगा भोगपुर अस्पताल तक पहुंचाया गया। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए क्षेत्रवासियों की विंध्यवासिनी तक आलवेदर रोड की मांग की जा रही है। बरसात का मौसम आते ही इस तरह की समस्याओं के जूझना ग्रामीणों की नीयति बन गयी है। https://sarthakpahal.com/

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