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12 वर्ष से कार्यरत हजारों उपनल कर्मियों को मिलेगा समान कार्य-समान वेतन

देहरादून, 25 नवम्बर। सरकार ने उपनल के माध्यम से विभिन्न विभागों में 12 वर्ष से कार्यरत हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए समान कार्य-समान वेतन सिद्धांत के अनुरूप न्यूनतम वेतनमान व महंगाई भत्ता देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ हुई लंबी वार्ता के बाद मांगों पर सहमति बन गई है।
तीन दिन के भीतर शासनादेश जारी करने का निर्णय
हालांकि, शासनादेश के इंतजार में देर रात तक उपनल कर्मी परेड ग्राउंड में डटे रहे, बाद में उन्होंने हड़ताल स्थगित करने का निर्णय लिया। सरकार ने तीन दिन के भीतर शासनादेश जारी करने का आश्वासन दिया है।
सचिव सैनिक कल्याण विभा दीपेंद्र चौधरी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, यह कदम उच्च न्यायालय की ओर से रिट याचिका में पारित आदेश के अनुपालन में लिया गया है। उपनल के माध्यम से कार्यरत वे सभी कार्मिक, जिन्होंने राज्य सरकार के किसी भी विभाग या संस्था में 12 वर्ष या उससे अधिक की निरंतर सेवा पूरी कर ली है, उन्हें अब वेतनमान का न्यूनतम वेतन एवं महंगाई भत्ता प्रदान किया जाएगा।
समान कार्य समान वेतन के सिद्धांत पर मिलेगी सुविधा
यह सुविधा समान कार्य-समान वेतन के सिद्धांत पर आधारित होगी। इसके साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया है कि चरणबद्ध तरीके से अन्य उपनल कर्मियों, जिन्होंने अभी 12 वर्ष की सेवा पूरी नहीं की है, को भी न्यूनतम वेतनमान और डीए देने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इसका अर्थ है कि आने वाले समय में बड़ी संख्या में उपनल कर्मियों को इस निर्णय का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। सरकार ने यह भी कहा है कि यह वेतन एवं डीए संबंधित विभागों की ओर से ही उपनल कर्मियों को उपलब्ध कराया जाएगा, जहां वे वर्तमान में तैनात हैं। इस पर विभागीय स्तर पर सैद्धांतिक सहमति भी बन चुकी है।
देर रात तक धरना स्थल पर डटे रहे उपनल कर्मी
मंगलवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में सचिव कार्मिक शैलेश बगौली, प्रमुख सचिव वित्त आरके सुधांशु, सचिव मुख्यमंत्री विनय शंकर पांडे और सचिव सैनिक कल्याण दीपेंद्र चौधरी उपस्थित रहे। विस्तृत मंत्रणा के बाद कर्मचारियों की मांगों पर सहमति बनी और सरकार ने इन्हें स्वीकार कर लिया।
हालांकि, उपनल कर्मी देर रात तक परेड ग्राउंड पर डटे रहे। उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश संयोजक विनोद गोदियाल ने बताया कि हड़ताल के 16वें दिन हुई इस बैठक में सकारात्मक निर्णय तो हुआ, लेकिन कर्मचारी शासनादेश प्राप्त होने पर काम पर लौट जाएंगे। बैठक के दौरान उपनल कर्मचारी प्रतिनिधि मंडल में हरीश कोठारी, महेश भट्ट, विनय प्रसाद, जगत राम भट्ट, अजय डबराल और पीएस बोरा शामिल रहे। देश विदेश की ताजा खबरों के लिए देखते रहिये https://sarthakpahal.com/

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