
प्रत्यक्षदर्शियों व विभागीय अधिकारियों के अनुसार हाथी ने अचानक बच्चे को अपनी सूंड में पकड़कर उठा लिया और जोर से पटक दिया. तेज चोट लगने के कारण बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं बच्चे के माता-पिता ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई. घटना के बाद आस-पास के लोग और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची.
बताया गया कि इलाके में पिछले कुछ दिनों से एक हथिनी अपने छोटे बच्चे के साथ घूम रही थी. ऐसे समय में हथिनी अत्यधिक संवेदनशील होती है, और किसी भी प्रकार की हलचल उसे उत्तेजित कर सकती है. हाथी द्वारा बच्चे को पटकने के बाद काफी देर तक उसी जगह पर खड़े रहना भी स्थिति की गंभीरता को बताता है, जिसके चलते घायल बच्चे को हटाना और उसे अस्पताल ले जाना भी बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया.
वन विभाग ने घटना को लेकर लोगों को किया अलर्ट
घटना की जानकारी मिलते ही देहरादून के डीएफओ नीरज शर्मा मौके के लिए रवाना हुए. उन्होंने बताया कि विभाग की टीम प्रभावित क्षेत्र में हथिनी पर लगातार निगरानी रख रही है. साथ ही स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को फिलहाल जंगल के रास्ते से न गुजरने की सख्त हिदायत दी गई है. डीएफओ ने कहा कि शाम के समय यह परिवार जंगल के रास्ते से स्कूटी पर जा रहा था. इसी दौरान यह दुखद हादसा हुआ. वन विभाग ने बताया कि हथिनी के आसपास जाना इस समय बेहद खतरनाक है, क्योंकि वह अपने शावक की रक्षा के लिए आक्रामक व्यवहार दिखा रही है.
लगातार बढ़ रहे मानव-वन्यजीव संघर्ष के बीच यह घटना एक बार फिर चेतावनी है कि जंगल क्षेत्रों में विशेषकर शाम के समय अनावश्यक आवाजाही से बचना बेहद जरूरी है. विभाग ने कहा है कि सुरक्षा के मद्देनज़र इलाके में पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है और लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है. दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है.



