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500 की वर्दी 1500 में खरीदने के आरोप में DIG होमगार्ड अमिताभ श्रीवास्तव निलंबित

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देहरादून, 24 जनवरी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा विभाग में वर्दी सामग्री खरीद से जुड़े घोटाले में संलिप्त पाए जाने पर निदेशक होमगार्ड (डिप्टी कमांडेंट) अमिताभ श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. मामले की जांच के लिए संयुक्त जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं.

होमगार्ड वर्दी घोटाले में सीएम धामी ने दिए DIG के निलंबन के आदेश
दरअसल, ये मामला वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान होमगार्ड्स के लिए वर्दी सामग्री की खरीद प्रक्रिया से जुड़ा है. इसमें टेंडर प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे. महानिदेशक, होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा, देहरादून की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट में टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता के अभाव और नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई थी. ऐसे में महानिदेशक की संस्तुति पर सीएम धामी ने डिप्टी कमांडेंट को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए संयुक्त जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं.

सीएम ने कहा भ्रष्टाचारियों के नहीं छोड़ेंगे
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिर कड़े शब्दों में कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल कर रही है. किसी भी स्तर पर अनियमितता, लापरवाही या भ्रष्ट आचरण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

500 का वर्दी 1500 में खरीदने का था आरोप
होमगार्ड विभाग में वर्दी घोटाले में जहां अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से एक करोड़ के सामान का बिल तीन करोड़ रुपये बनाया तो इसमें 2024-25 के रेट पर ही टेंडर जारी किया गया था. 130 रुपये के डंडे की कीमत 375 रुपए और 500 रुपए के जूते की कीमत 1500 रुपए दिखाई गई थी. यही नहीं, 1200 रुपये की पेंट-शर्ट 3000 रुपए में और 500 रुपए की जैकेट 1580 रुपए में खरीदी गई थी. डीजी पीवीके प्रसादने जब बाजार भाव और टेंडर के रेट में बहुत बड़ा अंतर देखा, तो तुरंत जांच टीम गठित की गई थी. टीम ने जब बाजार से कोटेशन लिए, तो पता चला कि होमगार्ड विभाग में हर सामान करीब तीन गुना ज्यादा दाम पर खरीदा जा रहा था.

ये घोटाला वित्तीय वर्ष 2024-25 में हुआ था. ऐसे में जब वित्तीय वर्ष 2025-26 में फिर से इस रेट पर टेंडर निकाला गया, तब विभाग में तैनात नए डीजी पीवीके प्रसादने यह घोटाला पकड़ लिया. डीजी ने टेंडर निरस्त कराते हुए घपले के आरोपी डिप्टी कमांडेंट जनरल (डीसीजी) अमिताभ श्रीवास्तव के खिलाफ केस दर्ज कराने, दो करोड़ रुपये की रिकवरी करने के साथ ही सेवा से बर्खास्त करने की रिपोर्ट शासन को भेजी थी.

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