उत्तराखंडदेश-विदेशपर्यटनबड़ी खबरयूथ कार्नर

लगातार हो रही भारी बर्फबारी से केदार नगरी 4 फीट बर्फ से ढकी, पैदल मार्ग बाधित

Listen to this article

रुद्रप्रयाग, 24 जनवरी। जनपद रुद्रप्रयाग की संपूर्ण केदारघाटी समेत बाबा केदारनाथ धाम में बीते 24 घंटों से लगातार हो रही भारी बर्फबारी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. धाम और आसपास के क्षेत्रों में कई फीट तक बर्फ जम गई है. वहीं शून्य से कई डिग्री नीचे गिर चुके तापमान के बीच भी रुद्रप्रयाग पुलिस एवं भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवान सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैदी से डटे हैं. बर्फ जमने के कारण केदारनाथ धाम के सभी पैदल मार्ग पूरी तरह से बंद हो गए हैं. वहीं बर्फबारी के बाद केदारनाथ धाम की पहाड़ियां चांदी सी चमक रही है. राज्य में फिलहाल 66 सड़कें बर्फबारी के कारण बंद हैं, जिसमें 6 नेशनल हाईवे, 6 स्टेट हाईवे, 3 एमडीआर, 1 बीडीआर, 24 पीडब्ल्यूडी और 26 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं.

गौर हो कि केदारनाथ धाम में लगातार हुई भारी बर्फबारी के चलते पूरी केदार नगरी लगभग चार फीट मोटी बर्फ की चादर में ढक गई है. केदारनाथ मंदिर प्रांगण में घुटनों तक बर्फ जमा होने से क्षेत्र में अत्यधिक ठंड का प्रकोप बढ़ गया है. भारी बर्फबारी के चलते धाम तक पहुंचने वाले सभी पैदल रास्ते अवरुद्ध हो गए हैं, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है. हालांकि बर्फबारी से केदार नगरी की प्राकृतिक सुंदरता और अधिक निखर कर सामने आई है.

केदारनाथ धाम में तैनात पुलिस और आईटीबीपी के जवान भारी बर्फबारी के बावजूद मंदिर परिसर तथा आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों की निरंतर निगरानी कर रहे हैं. धाम की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए जवान बर्फ के बीच लगातार गश्त (पेट्रोलिंग) कर रहे हैं. कड़ाके की ठंड और विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद सुरक्षा बलों के मनोबल में कोई कमी नहीं है. बर्फबारी के कारण आवागमन मार्गों पर जमी बर्फ को हटाने तथा व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में जवान लगातार सहयोग कर रहे हैं.

जनता से आपदा प्रबंधन विभाग की अपील
उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात परिस्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह सक्रिय है. सचिव सुमन ने आम नागरिकों से अपील की कि वे मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें किसी भी आपात स्थिति में जिला प्रशासन या संबंधित आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करें.

एवलांच की चेतावनी
वहीं रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान (DGRE) चंडीगढ़ की तरफ से भी एवलांच की चेतावनी जारी की गई है. यह चेतावनी 24 जनवरी 2026 सायं 5:00 बजे से 25 जनवरी 2026 सायं 5:00 बजे तक प्रभावी रहेगी.

पुलिस और आईटीबीपी का संयुक्त दल किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क है. संचार व्यवस्था और आपदा प्रबंधन उपकरणों को सुरक्षित रखा जा रहा है, साथ ही सरकारी संपत्तियों एवं धाम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों के ढांचों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा रही है. कठिन परिस्थितियों में सुरक्षा बल केदारनाथ धाम की सुरक्षा व व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. बता दें कि केदारनाथ धाम समेत उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हो रही है. जिससे ठंड में इजाफा हो गया है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button