देहरादून, 11 मार्च। शिक्षण और स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों को छोड़कर बाकी सभी वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में गैस आपूर्ति बाधित है। प्रतिष्ठानों को पेट्रोलियम मंत्रालय में ईमेल के माध्यम से आवेदन करना होगा। इसके बाद मंत्रालय की कमेटी तय करेगी कि किसे और कितने सिलिंडर मिलेंगे।
राजधानी में हजारों की संख्या में छोटे-बड़े होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, रेहड़ी वाले हैं। इन सभी पर वाणिज्यिक सिलिंडर का प्रयोग किया जाता है। गैस की आपूर्ति बाधित होने से इनको परेशानी हो रही है। राजधानी में हजारों की संख्या में लोगों के रोजगार पर संकट खड़ा हो गया है। शिक्षण और स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों में गैस आपूर्ति के लिए जिला पूर्ति कार्यालय में आवेदन करना होगा जबकि अन्य प्रतिष्ठानों के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने ईमेल के माध्यम से आवेदन का रास्ता खोला है। आपात स्थिति और प्राथमिकता के आधार पर इन आवेदनों पर विचार किया जाएगा।
ग्राफिक एरा सहित कई अस्पतालों ने किए आवेदन
देहरादून में कई बड़े अस्पताल और शिक्षण संस्थान हैं। इनमें कैंटीन से लेकर अन्य कार्यों के लिए गैस की आपूर्ति की जाती है। शिक्षण और स्वास्थ्य दोनों प्रतिष्ठान अति आवश्यकता की श्रेणी में आते हैं। ऐसे में इन्हें जिला स्तर पर ही गैस आपूर्ति के लिए आवेदन करना होगा। इसी कड़ी में ग्राफिक एरा, मैक्स और वेल्हम गर्ल्स कॉलेज की ओर से गैस आपूर्ति के लिए आवेदन किया गया है। जिला पूर्ति कार्यालय से इनके पुराने रिकाॅर्ड से इनकी आवश्यकता का पता लगाकर गैस की आपूर्ति कराई जाएगी।
कालाबाजारी के खिलाफ मारा छापा
जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने बताया कि गैस की कालाबाजारी रोकने और घरेलू सिलिंडर का प्रयोग व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर न हो इसके लिए प्रवर्तन दलों का गठन किया गया है। बुधवार को टीमों ने मियांवाला, बालावाला, रांझावाला और रायपुर क्षेत्र में 65 प्रतिष्ठानों की जांच की। इनमें 37 घरेलू गैस सिलिंडरों का व्यावसायिक उपयोग होता मिला। सभी गैस सिलिंडरों को जब्त कर लिया गया। सभी सिलिंडर एक गैस एजेंसी के सुपुर्द किए गए हैं। टीम में संतोष कुमार भट्ट, पूनम रावत, मधु बर्थवाल क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, पंकज काला पूर्ति निरीक्षक और होशियार रावत, विजय आदि मौजूद रहे।
क्या कहते हैं मंत्री सतपाल महाराज
वर्तमान हालातों पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महराज का कहना है कि आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है. प्रदेश में घरेलू गैस की उपलब्धता पर्याप्त है और इसके वितरण में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी. सरकार की प्राथमिकता है कि आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो. उन्होंने बताया कि होटल, भोजनालय और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले गैस सिलेंडरों की आपूर्ति कुछ समय के लिए प्रभावित हुई है, लेकिन स्थिति पर सरकार लगातार नजर बनाए हुए है.
पश्चिम एशिया क्षेत्र में हालात संवेदनशील बने हुए हैं. इसी कारण कई देशों में ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हुई है. इसी कारण व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की उपलब्धता पर दबाव बना है. सतपाल महाराज, कैबिनेट मंत्री, उत्तराखंड