
पौड़ी, 26 मार्च। जनपद पौड़ी गढ़ाल के विकासखंड कल्जीखाल अंतर्गत किमोली-चिलोली गांव में एक पुराने जल स्रोत के सौंदर्यीकरण कार्य के दौरान खुदाई में दो प्राचीन मूर्तियां मिलने से क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।
धार्मिक व पुरातात्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं ये मूर्तियां
मूर्तियों में एक भगवान गणेश तथा दूसरी नाग से अलंकृत शिवलिंग बताई जा रही हैं, जिन्हें धार्मिक व पुरातात्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ग्राम प्रधान हेमंती देवी ने बताया कि कार्य के दौरान मूर्तियां मिलने पर इसकी सूचना तत्काल पुरातत्व विभाग को दी गई। यह मूर्तियां धार्मिक व पुरातात्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। पुरातत्व विभाग ने मूर्तियों को संरक्षण में लिया है। विकासखंड कल्जीखाल के चिलोली गांव में एक पेयजल स्रोत के सौंदर्यीकरण कार्य गतिमान है। इस दौरान खोदाई में दो प्राचीन मूर्तियां मिली हैं।
सूचना मिलते ही प्रभारी क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई पौड़ी अनिरुद्ध सिंह बिष्ट के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची और स्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में दोनों मूर्तियां प्राचीन प्रतीत हो रही हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि इनके विस्तृत अध्ययन एवं काल निर्धारण की प्रक्रिया आगे की जाएगी। फिलहाल मूर्तियों को सुरक्षित संरक्षण के लिए विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है। पुरातत्व विभाग ने बताया कि भविष्य में इन मूर्तियों को पौड़ी स्थित निर्माणाधीन हेरिटेज भवन के संग्रहालय में प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे आमजन भी इस ऐतिहासिक धरोहर का अवलोकन कर सकें।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की खोजें क्षेत्र के प्राचीन इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस मौके पर संरक्षक सहायक पुरातत्व अनिल नेगी, मानचित्रकार प्रेमचंद्र ध्यानी, फोटोग्राफर विनीत गिरी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।



