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कैलाश मानसरोवर यात्रा इस बार पूरी तरह मोटर मार्ग से होगी, 6 जुलाई को पहुंचेगा पहला दल

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पिथौरागढ़, 17 जून। विदेश मंत्रालय द्वारा संचालित कैलास मानसरोवर यात्रा-2026 की तैयारियों के संबंध में बुधवार को जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी आशीष कुमार भट्टगांई की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन), भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), सीमा सड़क संगठन (बीआरओ), पुलिस, चिकित्सा एवं राजस्व विभाग सहित यात्रा से जुड़े सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

इस साल यात्रा के लिए 10 दल प्रस्तावित हैं
बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में कैलास मानसरोवर यात्रा-2026 के सफल संचालन हेतु सभी आवश्यक तैयारियां लगभग पूर्ण कर ली गई हैं। इस वर्ष यात्रा के लिए कुल 10 दल प्रस्तावित हैं, जिनमें प्रत्येक दल में 50 श्रद्धालु शामिल होंगे। इस प्रकार कुल 500 श्रद्धालु कैलास मानसरोवर यात्रा में प्रतिभाग करेंगे। श्रद्धालुओं के आवागमन हेतु कुमाऊं मंडल विकास निगम द्वारा 12 वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

6 जुलाई को पिथौरागढ़ पहुंचेगा प्रथम दल आगामी
जिलाधिकारी ने बताया कि यात्रा का प्रथम दल आगामी 6 जुलाई 2026 को पिथौरागढ़ पहुंचेगा। उन्होंने कुमाऊं मंडल विकास निगम एवं सभी संबंधित विभागों को निर्धारित समय-सारणी के अनुसार व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

इस बार पूरी तरह मोटर मार्ग (सुगम यात्रा)
इस साल यात्रा की सबसे अच्छी बात यह है कि लिपुलेख (उत्तराखंड) और नाथू ला (सिक्किम) दोनों ही आधिकारिक मार्ग अब पूरी तरह मोटर मार्ग में तब्दील हो चुके हैं। इसका मतलब है कि 6 जुलाई वाले बैच को भी पहले के मुकाबले बेहद कम पैदल चलना पड़ेगा।

बैठक के दौरान भारतीय सेना एवं सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधिकारियों से यात्रा मार्ग की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की गई। जिलाधिकारी ने यात्रा अवधि में सभी विभागों के मध्य प्रभावी समन्वय एवं निर्बाध संचार व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की आपदा अथवा आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग पूरी तरह तैयार रहें।

सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पुलिस, आईटीबीपी एवं अन्य सुरक्षा एजेंसियों को यात्रा मार्ग, पड़ाव स्थलों तथा संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रद्धालुओं के आवास, भोजन, पेयजल, स्वच्छता एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया।

भूस्खलन प्रभावित इलाकों में विशेष सतर्कता के निर्देश
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि यद्यपि यात्रा मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है, तथापि संवेदनशील एवं क्रॉनिक भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए। उन्होंने मार्ग पर यातायात को सुचारू बनाए रखने, मलबा हटाने हेतु मशीनरी एवं मानव संसाधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा किसी भी बाधा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे ने भी कैलास मानसरोवर यात्रा के लिए पुलिस विभाग द्वारा की जा रही तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यात्रा को सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस विभाग अन्य सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रहा है।

बैठक में अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह, उप जिलाधिकारी सदर जितेंद्र वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.एस. नबियाल, पुलिस विभाग, आईटीबीपी, भारतीय सेना, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ), कुमाऊं मंडल विकास निगम तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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