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कर्मठता की मिशाल रहे जंतु विज्ञान के ‘स्तंभ’ डा. कंडारी के स्थानांतरण पर नम हुईं बिथ्याणी डिग्री कालेज की आंखें

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यमकेश्वर, 17 जून। महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय, बिथ्याणी (यमकेश्वर) के जंतु विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनवीर कंडारी के स्थानांतरण (ट्रांसफर) होने पर महाविद्यालय परिवार द्वारा एक भव्य एवं भावभीनी विदाई समारोह का आयोजन किया गया। डॉ. कंडारी की विदाई के इस भावुक क्षण में उपस्थित सभी प्राध्यापकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं की आंखें नम हो गईं।

​सरस्वती वंदना और विदाई गीत से हुई शुरुआत
​कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि, महाविद्यालय के प्राचार्य, संकाय सदस्यों तथा स्वयं डॉ. मनवीर कंडारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात छात्र-छात्राओं ने विदाई गीत और सरस्वती वंदना की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।

​संस्थान के विकास में डॉ. कंडारी का योगदान अतुलनीय: प्राचार्य
​विदाई समारोह को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य ने डॉ. मनवीर कंडारी के कार्यकाल की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा, “डॉ. कंडारी ने अपने कार्यकाल के दौरान न केवल जंतु विज्ञान विभाग को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया, बल्कि महाविद्यालय की विभिन्न प्रशासनिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वे एक अत्यंत कर्मठ, अनुशासित और सौम्य स्वभाव के धनी शिक्षक हैं। उनका जाना महाविद्यालय परिवार के लिए एक बड़ी क्षति है, जिसकी कमी को पूरा करना आसान नहीं होगा।”

​महाविद्यालय के अन्य संकाय सदस्यों और सहकर्मियों ने भी डॉ. कंडारी के साथ बिताए क्षणों को याद किया। प्रवक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. कंडारी का व्यवहार हमेशा सहयोगात्मक और प्रेरणादायी रहा। उन्होंने सदैव छात्रों के हित को सर्वोपरि रखा और प्रयोगशाला (लैब) के आधुनिकरण से लेकर विज्ञान के प्रति छात्रों में रुचि जगाने तक में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

​विद्यार्थियों के दिलों में बनाई विशेष जगह
​समारोह के दौरान छात्र-छात्राएं काफी भावुक नजर आए। छात्रों ने अपने विदाई भाषण में कहा कि डॉ. मनवीर कंडारी केवल एक शिक्षक नहीं बल्कि उनके मार्गदर्शक और अभिभावक की तरह थे। जटिल से जटिल वैज्ञानिक सिद्धांतों और जंतु विज्ञान के विषयों को भी वे बेहद सरल और व्यावहारिक तरीके से समझाते थे। शिक्षा के साथ-साथ उन्होंने हमेशा छात्रों को जीवन में अनुशासित रहने और उच्च आदर्शों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

​महाविद्यालय की यादें हमेशा दिल के करीब रहेंगी : डॉ. मनवीर कंडारी


​अपने विदाई संबोधन में भावुक होते हुए असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनवीर कंडारी ने सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बिथ्याणी राजकीय महाविद्यालय में बिताया गया समय उनके जीवन और करियर के सबसे बेहतरीन और यादगार पलों में से एक रहेगा। यहां के सहकर्मियों से मिला सहयोग और छात्र-छात्राओं का अपार स्नेह उन्हें हमेशा याद रहेगा। उन्होंने छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मेहनत और ईमानदारी का कोई विकल्प नहीं होता, इसलिए हमेशा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें।

​उपहार और स्मृति चिह्न भेंट कर किया सम्मानित
​महाविद्यालय परिवार की ओर से डॉ. मनवीर कंडारी को स्मृति चिह्न, अंगवस्त्र और विभिन्न उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। छात्र-छात्राओं ने भी अपने प्रिय शिक्षक को स्वरचित कविताएं, ग्रीटिंग कार्ड और विदाई उपहार सौंपे।

​इस गरिमामयी अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ प्राध्यापक द्वारा किया गया और राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।

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