
हैदराबाद, 3 जुलाई, 26. देशभर में ई-रिक्शा चलाने वालों के लिए पिछले कुछ दिन परेशानियों से भरे रहे हैं. दरअसल, कुछ मोबाइल ऐप्स के जरिए लोग ब्लूटूथ की मदद से चलते हुयेे ई-रिक्शा की बैटरी को रिमोटली बंद कर दे रहे थे. इसकी वजह से सड़क पर ई-रिक्शा चलते-चलते अचानक रुक रहे थे, जिसके बाद ई-रिक्शा चलाने वाले लोग काफी परेशान हुए, क्योंकि उनकी रोज की रोजी-रोटी ई-रिक्शा पर निर्भर होती है और उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि अचानक उनका ई-रिक्शा बंद कैसे और क्यों हो रहा है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे प्रैंक वीडियोज को संज्ञान लेते हुए भारत सरकार ने इस परर बेहद सख्त कदम उठाये हैं।
7 चीनी ऐप्स को हटाने के निर्देश
इलेक्ट्रानिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने गूगल और एप्पल को नोटिस जारी कर BAT-BMS, SMART BMS, LOSSIY और Epoch-i-ion समेत कुल चाइनीज बैैटरी मैनेजमेंट ऐप्स को अपने-अपने ऐप स्टोर से तुरंत हटाने के निर्देश दिये हैं। चाइनीज़ ऐप की वजह से ई-रिक्शा बंद करने वाले लोगों ने इस घटना की रील बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया, जिसके बाद ई-रिक्शा चालकों का दर्द सामने आया और फिर भारत सरकार ने ऐसे ऐप्स के खिलाफ एक्शन लिया है. सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने गूगल प्ले स्टोर और एपल ऐप स्टोर को साफ निर्देश दिया है कि इन ऐप्स को तुरंत हटाया जाए.
सरकार ने क्या कहा
इस मंत्रालय के चिव एस कृष्णन ने बताया कि दो ऐसे ऐप्स उनकी नजर में आए थे, जिनका गलत इस्तेमाल हो रहा था. दोनों को ऐप स्टोर्स से हटा दिया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि ऐप स्टोर्स को इस तरह के नुकसानदायक ऐप्स को मंजूरी देने से पहले ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए. दरअसल यह ऐप्स असल में बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम यानी बीएमएस के लिए बनाए गए थे, ताकि टेक्नीशियन बैटरी के वोल्टेज, तापमान और करंट जैसी जानकारी मॉनिटर कर सकें. हालांकि, टेक्नोलॉजी की समझ रखने वाले कुछ युवाओं ने इसे मजाक के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू कर दिया और अपने आसपास खड़े या चलते ई-रिक्शा की बैटरी को ब्लूटूथ के जरिए बंद करने लगे और खुद ही इसकी रील बनाकर सोशल मीडिया पर डालने लगे. दिल्ली परिवहन विभाग ने भी इस मामले की जांच शुरू कर दी थी.
चालकों की मुश्किलें और आगे की कार्रवाई
इसमें असली दिक्कत उन सस्ती लिथियम बैटरियों में हैं, जिनमें पासवर्ड या किसी तरह का कोई सुरक्षा फीचर नहीं होता. ऐसे में करीब 10 से 15 मीटर के दायरे में मौजूद कोई भी व्यक्ति उस बैटरी सिस्टम से कनेक्ट होकर गाड़ी बंद कर सकता है. हालांकि, जिन ई-रिक्शा में फैक्ट्री की सुरक्षित या प्रोप्राइटरी बैटरी लगी है, उनके साथ ये समस्या नहीं हुई है.
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अमान सिद्दीकी ने एएनआई से बातचीत में बताया कि उन्होंने एक ड्राइवर की मदद की, जिसकी गाड़ी अचानक बंद हो गई थी. सिद्दीकी के मुताबिक उस ड्राइवर ने रिक्शा किराए पर ली थी और पूरे दिन गाड़ी खड़ी रहने से उसे करीब चार सौ से पांच सौ रुपये का नुकसान हुआ, जो उस ड्राइवर के लिए बहुत बड़ी बात हैं, क्योंकि वो ई-रिक्शा के मालिक को 400-500 रुपये देने के बाद जो पैसा बचता है, वही उनकी कमाई होती है, जिससे उनका घर-परिवार चलता है.
कानूनन अपराध और कड़ी सजा
कानूनी जाानकारों और साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक बिना ड्राइवर या मालिक की अनुमति के किसी वाहन के सिस्टम में ब्लूटूथ के जरिये अवैध रूप से सेंध लगानाा आईटी एक्ट 2000 की धारा 43 और 66 के तहत एक गंभीर दंडनीय अपराध हैै। ऐसा करने वाले को 3 साल तक की जेल और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।



