विदेशों में भारत की ढाल बने रहाणे ने टांगा बल्ला, 12 टेस्ट शतकों के साथ Cap 278 का सफर खत्म

मुंबई, 30 जुलाई, 26. भारतीट क्रिकेट टीम के पूर्व उपकत्पान और टेस्ट विशेषज्ञ सीनियर बैट्समैन अजिंक्य रहाणे ने गुरुवार को तुरंत प्रभाव से इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी प्रारूपों से रिटायरमेंट का ऐलान किया है, जिससे उनके लगभग दो दशक के करियर का अंत हो गया. उन्होंने सोशल मीडिया पर इमोशनल वीडियो के जरिए घोषणा करते हुए “Cap number 278, signing off” कहा कि उन्हें लगा कि इंटरनेशनल क्रिकेट से आगे बढ़ने का यह सही समय है.
सोशल मीडिया पर रहाणे की भावुक पोस्ट
सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में रहाणे ने बेहद भावुक होकर कहा, “जिंदगी की सच्चाई यही है कि हर चीज की शुरुआत और अंत होता है। मेरी बल्लेबाजी की तरह टाइमिंग हमेशा अहम रही है और मुझे लगता है कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट और सभी प्रारूपों को अलविदा कहने का यही सही समय है।” 38 साल के इस भारतीय बल्लेबाज ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते कहा कि यह आगे बढ़ने का सही समय है. उन्होंने आगे कहा कि कैप 278 साइनिंग ऑफ. इतने सालों में आपके प्यार और सपोर्ट के लिए धन्यवाद. हमेशा आभारी रहूंगा. रहाणे ने कहा कि जिंदगी की सच्चाई यह है कि हर चीज की एक शुरुआत होती है और हर चीज का एक अंत होता है. जब समय आता है, तो आपको बस उसका सम्मान करना होता है और आगे बढ़ना होता है. मैंने हमेशा अपनी बैटिंग में टाइमिंग पर भरोसा किया है और हमेशा इसकी अहमियत को समझा है.
उन्होंने कहा कि आज, मुझे लगता है कि मेरे लिए आगे बढ़ने और इंटरनेशनल क्रिकेट और सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट की घोषणा करने का सही समय है. उन शुरुआती दिनों से, जब मैं छोटा था और सिर्फ प्रैक्टिस के लिए ट्रैवल करता था, मैंने इस गेम में अपना सब कुछ दिया. हर एक दिन, हर इनिंग, हर मौके पर जब मुझे बैटिंग करने का मौका मिला, तो मेरा सपना हमेशा इंडिया कैप पहनने का था. रहाणे ने कहा कि उन्होंने अपने करियर के दौरान हमेशा देश और टीम को प्राथमिकता दी और ईमानदारी से खेल खेला.
कप्तानी का वो अनोखा रिकॉर्ड, जो धोनी, कोहली या सचिन भी नहीं बना सके
अजिंक्य रहाणे को जब भी भारतीय टीम की कप्तानी का मौका मिला, वे कभी नहीं हारे। रहाणे ने 6 टेस्ट मैचों में कप्तानी की, जिनमें से भारत ने 4 जीते और 2 मैच ड्रॉ रहे। वहीं 2015 में जिम्बाब्वे दौरे पर जब एमएस धोनी को आराम दिया गया था, तब रहाणे ने 3 वनडे मैचों में कप्तानी की और तीनों में भारत को जीत दिलाई। यानी कप्तानी में उनका रिकॉर्ड 100 फीसदी अजेय रहा। भारत के सबसे सफल कप्तानों में शुमार एमएस धोनी और विराट कोहली ने भी अपनी कप्तानी में कई मैच गंवाए, जबकि सचिन तेंदुलकर का कप्तानी रिकॉर्ड भी काफी चुनौतीपूर्ण रहा था। लेकिन कामचलाऊ कप्तान के रूप में उतारे गए रहाणे के नेतृत्व में भारतीय टीम कभी हार का शिकार नहीं हुई।
मराठी में नाम का मतलब अजेय और कप्तानी में भी रहे अजेय
हालांकि आलोचक यह कह सकते हैं कि धोनी के 60 टेस्ट या कोहली के 68 टेस्ट मैचों की तुलना में रहाणे के 6 टेस्ट मैचों का सैंपल साइज काफी छोटा है। लंबे समय तक कप्तानी का दबाव झेलना अलग बात है, लेकिन क्रिकेट इतिहास में छोटी मगर बेदाग सफलताओं की भी अपनी अलग जगह होती है। रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट मैच खेले, जिनमें 5,000 से ज्यादा रन और 12 शतक शामिल हैं। मराठी भाषा में अजिंक्य नाम का मतलब ही जिसे जीता न जा सके होता है, और एक कप्तान के रूप में रहाणे ने अपने नाम के हर एक अक्षर को सच साबित करके दिखाया।
रहाणे का शांत अंदाज
लेकिन सभी शांत स्वभाव वाले खिलाड़ियों की तरह रहाणे ने कभी कोई शिकायत नहीं की जबकि उन्हें लंबे समय तक कप्तान नहीं रखा गया था। उन्होंने संकट के समय बखूबी टीम की कमान संभाली और दिखाया कि वह ड्रेसिंग रूम को शांत बनाए रखकर अपने काम को अंजाम देने में माहिर हैं।
दो साल पहले खेला आखिरी मैच
38 वर्ष के रहाणे ने 85 टेस्ट मैचों में 12 शतकों सहित 5000 से अधिक रन बनाए। उन्होंने भारत की तरफ से अपना अंतिम मैच दो साल पहले खेला था और अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया। इससे हालांकि एक सवाल अब भी जवाब की तलाश में है कि क्या रहाणे अपनी क्षमता से कम प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी थे या भारतीय क्रिकेट ने उन्हें कम आंका?
रहाणे ने 2013 में शुरू हुए अपने करियर में भारत के लिए कुल 85 टेस्ट में, उन्होंने 85 मैच और 144 इनिंग खेलीं, जिसमें 38.46 की एवरेज और 49.50 की स्ट्राइक रेट से 5,077 रन बनाए, जिसमें 12 सेंचुरी और 26 फिफ्टी शामिल हैं. हालांकि, वह वेस्टइंडीज के खिलाफ 2023 की टेस्ट सीरीज के बाद से भारत के लिए नहीं खेले हैं. रहाणे ने कहा कि आज, मुझे लगता है कि मेरे लिए आगे बढ़ने और इंटरनेशनल क्रिकेट और सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट का ऐलान करने का सही समय है. नेशनल सिलेक्टर्स की नजरों से गायब होने के बावजूद, रहाणे डोमेस्टिक सर्किट में एक्टिव रहे हैं और 2024-25 सीजन तक मुंबई का नेतृत्व किया.
वहीं, रहाणे ने 90 ODI मैच और 87 इनिंग में हिस्सा लिया, जिसमें 35.26 की एवरेज और 78.63 की स्ट्राइक रेट से 3 सेंचुरी और 24 फिफ्टी के साथ 2,962 रन बनाए. टी20 में उन्होंने 20 मैच और 20 इनिंग खेलीं, जिसमें 375 रन बनाए, जिसमें 20.83 की एवरेज और 113.29 की स्ट्राइक रेट से एक फिफ्टी लगाई है.
रहाणे के कार्यकाल में मेलबर्न में यादगार वापसी और गाबा में भारत की ऐतिहासिक जीत शामिल है, जिसने 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान इस जगह पर ऑस्ट्रेलिया की लंबी हार का सिलसिला खत्म कर दिया, जिसे एशियन जायंट्स ने 2-1 से जीता. रहाणे ने 2017 में धर्मशाला में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक अहम टेस्ट जीत भी दिलाई और 2018 में टीम को अफगानिस्तान पर जीत दिलाई.



