
हरिद्वार, 31 जुलाई, 26. कांवड़ मेले के बीच 2027 कुंभ मेले की तैयारियां भी जोरों पर हैं. भले ही अखाड़ा परिषद को लेकर संतों में मतभेद चल रहा है, लेकिन अखाड़े कुंभ की तैयारियों में पीछे नहीं हैं. हरिद्वार में श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े ने कुंभ मेले के प्रमुख धार्मिक आयोजनों की तिथियों की औपचारिक घोषणा कर दी है. इसके लिए पंचांग जारी किया गया है.
जूना अखाड़े ने जारी किया कुंभ मेले का पंचांग
जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने बताया कि आगामी 21 नवंबर से अखाड़े की धार्मिक गतिविधियां प्रारंभ होंगी. 14 जनवरी 2027 को उत्तरायण पर्व पर भव्य पेशवाई निकाली जाएगी. धर्म ध्वजा स्थापना के साथ ही धार्मिक दृष्टि से कुंभ मेले का विधिवत शुभारंभ माना जाएगा. श्रीमहंत हरि गिरि महाराज की अध्यक्षता में विद्वान ज्योतिषाचार्यों, संतों और अखाड़े के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने विचार विमर्श के बाद सभी धार्मिक आयोजनों के शुभ मुहूर्त निर्धारित किए.
23 दिसंबर को धर्म ध्वजा स्थापित होगी
घोषित कार्यक्रम के अनुसार 21 नवंबर 2026 को गोधूलि बेला में पंच परमेश्वर, रमता पंच और संतों की जमात का नगर प्रवेश होगा. 1 दिसंबर 2026 को भैरव अष्टमी के अवसर पर अभिजीत मुहूर्त में भूमि पूजन किया जाएगा. इसके पश्चात 23 दिसंबर 2026 को भगवान दत्तात्रेय जयंती के दिन शुभ अभिजीत मुहूर्त में धर्म ध्वजा की स्थापना होगी. इसी धार्मिक अनुष्ठान के साथ कुंभ मेले का आध्यात्मिक और पारंपरिक रूप से विधिवत शुभारंभ माना जाएगा.
तीन शाही स्नान करेगा जूना अखाड़ा
14 जनवरी 2027 को उत्तरायण पर्व पर भगवान दत्तात्रेय की पालकी, अखाड़े के निशान, नगाड़ों और पारंपरिक ध्वजों के साथ भव्य पेशवाई निकाली जाएगी. इस शोभायात्रा में नागा संन्यासी तथा देशभर से आए हजारों साधु संत शामिल होंगे. कुंभ स्नान की दृष्टि से जूना अखाड़े के तीन अमृत स्नान यानी शाही निर्धारित किए गए हैं. पहला अमृत स्नान 6 मार्च 2027 (महाशिवरात्रि), दूसरा अमृत स्नान 8 मार्च 2027 (सोमवती अमावस्या) और तीसरा अमृत स्नान 14 अप्रैल 2027 (मेष संक्रांति) को होगा.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व कुंभ की तैयारियां आगे बढ़ रही हैं. वो निश्चित रूप से दिव्य और भव्य कुंभ मेले का आयोजन कराएंगे. कुंभ मेला प्रशासन अखाड़ों के साथ लगातार समन्वय स्थापित कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर रहा है. इधर सभी अखाड़े भी सरकार के साथ मिलकर कुंभ की व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे हैं.
-श्रीमहंत हरि गिरि महाराज, अंतरराष्ट्रीय संरक्षक, जूना अखाड़ा-
जूना अखाड़ा अपने सहयोगी अखाड़ों के साथ अमृत स्नान करेगा
श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने कहा कि जहां भी मेला प्रशासन भूमि आवंटित करेगा, वहां भूमि पूजन कर सभी धार्मिक गतिविधियां की जाएंगी. हमेशा की तरह जूना अखाड़ा अपने सहयोगी अखाड़ों के साथ अमृत स्नान करेगा. उनके साथ अग्नि और आह्वान अखाड़ा अमृत स्नान में रहेगा. इसके साथ ही छोटे अखाड़ों वाले संगठन से जुड़े साधु संतों को भी साथ लेकर चलेंगे.
मुख्य कार्यक्रम एवं अमृत स्नान की तिथियां/कुंभ का शुभारम्भ विधिवत पंचांगानुसार
नगर प्रवेश- 21 नवम्बर 2026 को गोधूलि लग्न में, तदनुसार कार्तिक शुक्ल पक्ष, एकादशी, संवत 2083, दिन शनिवार
भूमि पूजन- 01 दिसम्बर 2026 को अभिजीत मुहूर्त में, तदनुसार मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष, भैरव अष्टमी, संवत 2083, दिन मंगलवार
समय दोपहर 11:46 से 12:26 तक
धर्म ध्वजा स्थापना-23 दिसम्बर 2026 को अभिजीत मुहूर्त में, तदनुसार मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष, चतुर्दशी, श्री दत्तात्रेय जयंती, संवत 2083, दिन बुधवार समय दोपहर 11:56 से 12:36 तक
पेशवाई- 14 जनवरी 2027 उत्तरायण पर्व में, तदनुसार पौष मास शुक्ल पक्ष की षष्ठी, उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र, दिन गुरुवार
समय दोपहर 12:06 से 12:46 तक
अमृत स्नान- प्रथम अमृत स्नान – 06 मार्च 2027 तदनुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष, महाशिवरात्रि, दिन शनिवार
द्वितीय अमृत स्नान – 08 मार्च 2027 तदनुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष, अमावस्या, नक्षत्र शतभिषा, दिन सोमवार
तृतीय अमृत स्नान – 14 अप्रैल 2027 तदनुसार चैत्र शुक्ल पक्ष, अष्टमी, नक्षत्र पुनर्वसु, दिन बुधवार



