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12 अगस्त को दुनिया देखेगी पूर्ण सूर्यग्रहण, भारत में रात होने के कारण नहीं दिखेगा

हैदराबाद, 6 अगस्त, 26. साल 2026 का अंतिम और सबसे लंबा सूर्य ग्रहण आगामी 12 अगस्त को लगने जा रहा है. विज्ञान और ज्योतिष दोनों ही दृष्टिकोणों से इस घटना को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. यह पूर्ण सूर्यग्रहण होगा, जिसमें चंद्रमा पूरी तरह से सूर्य को ढक लेगा। यूरोप में साल 1999 के बाद यह पहला पूर्ण सूर्य ग्रहणहोने जा रहा है। भारतीय समयानुसार, इस ग्रहण की अवधि 12 अगस्त की रात 9:04 बजे से प्रारंभ होकर अगले दिन 13 अगस्त की सुबह 4:25 बजे तक रहेगी.

रात में लगने की वजह से भारत में नहीं दिखाई देगा
भारतीय खगोलीय प्रेमियों और आम जनता के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। चूंकि सूर्य ग्रहण के समय भारत में रात का समय होगा, इसलिए देश में इसे प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा जा सकता। ग्रहण का समय 12 अगस्त की रात 9:04 बजे से शुरू होगा। रात 10:28 बजे पूर्ण सूर्य ग्रहण और रात 11:16 का मध्य या पीक समय होगा। सूर्य ग्रहण 13 अगस्त की रात 1:27 तक चलेगा। सूर्य ग्रहण की कुल अवधि 4 घंटे 23 मिनट की बताई जा रही है।

रात के समय घटित होने के कारण यह सूर्य ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा. लखनऊ के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य उमाकांत मिश्रा के अनुसार, भारत में दिखाई न देने के कारण यहां इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा और न ही इसके पारंपरिक नियमों का पालन आवश्यक होगा. हालांकि, ज्योतिषाचार्य का कहना है कि, यह ग्रहण कर्क राशि में लगने जा रहा है, जिसका वैश्विक और व्यक्तिगत स्तर पर व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है. विशेष रूप से तीन राशियों के जातकों को इस अवधि में कार्यस्थल और यात्राओं के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.

दुनिया में कहां-कहां लगेगा पूर्ण सूर्यग्रहण
यह पूर्ण सूर्यग्रहण मुख्य रूप से ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, उत्तरी रूस, उत्तरी अटलांटिक महासागर में पूरी तरह दिखाई देगा। स्पेन जैसे देशों में तो दिन में ही कुछ मिनटों के लिए पूरी तरह अंधेरा छा जायेगा। इसके अलावा यूरोप, कनाडा और उत्तर पश्चिमी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में यह आंशिक सूर्यग्रहण के रूप में देखा जा सकेगा।

प्रमुख राशियों पर ज्योतिषीय प्रभाव और दिशा-निर्देश

1. कर्क राशि
यह ग्रहण इसी राशि में लग रहा है, अतः कर्क राशि के जातकों पर इसका सीधा असर पड़ेगा. कार्यक्षेत्र में अचानक जिम्मेदारियों और काम के बोझ में वृद्धि हो सकती है. नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को नए अवसर मिलेंगे, लेकिन अत्यधिक कार्यभार मानसिक तनाव का कारण बन सकता है. इस दौरान किसी भी प्रकार की जल्दबाजी या भावुकता में निर्णय लेने से बचें. विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति गंभीर रहने की आवश्यकता है.

2. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए यह समय चुनौतियों भरा रह सकता है. व्यावसायिक मोर्चे पर प्रतिद्वंद्वियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा और व्यापार में आंशिक मंदी आ सकती है. पारिवारिक जीवन में पिता के साथ वैचारिक मतभेद या उनकी नाराजगी झेलनी पड़ सकती है. संपत्ति या किसी बड़ी वस्तु की खरीदारी में रुकावटें आ सकती हैं. कानूनी विवादों के कारण मानसिक तनाव बढ़ सकता है, जिससे आत्मविश्वास में कमी महसूस होगी.

3. मीन राशि
मीन राशि के जातकों को मुख्य रूप से अपने स्वास्थ्य और वित्तीय प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करना होगा. इस अवधि में अप्रत्याशित खर्च बढ़ने से आर्थिक संतुलन बिगड़ सकता है. किसी भी नए निवेश या वित्तीय सौदे से पहले विशेषज्ञों की सलाह अवश्य लें. कार्यों में अप्रत्याशित देरी से मानसिक व्याकुलता बढ़ सकती है. अनजान लोगों पर शीघ्र भरोसा करने से बचें. हालांकि, परिवार का सहयोग इस तनाव को कम करने में मददगार साबित होगा.

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