
कोटद्वार, 7 अगस्त, 26. विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत बाल विकास परियोजना थलीसैंण में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में माताओं को स्तनपान के महत्व के साथ-साथ मातृ स्वास्थ्य, पोषण और शिशुओं की उचित देखभाल के संबंध में जानकारी दी गई। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), यूनिसेफ और कई स्वास्थ्य मंत्रालयों और नागरिक समाज भागीदारों के सहयोग से, विश्व स्तनपान सप्ताह हर साल अगस्त के पहले सप्ताह में मनाया जाता है।
2018 में, विश्व स्वास्थ्य सभा के एक प्रस्ताव ने विश्व स्तनपान सप्ताह को एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संवर्धन रणनीति के रूप में मान्यता दी। हर साल एक अलग विषय के साथ, इसका उद्देश्य उन अनुकूल वातावरणों को बढ़ावा देना है जो महिलाओं को स्तनपान कराने में मदद करते हैं ।
नवजात के बेहतर स्वास्थ्य के लिए स्तनपान बहुत महत्वपूर्ण
कार्यक्रम में बताया गया कि नवजात शिशु के बेहतर स्वास्थ्य और समुचित विकास के लिए स्तनपान बेहद महत्वपूर्ण है। माताओं को शिशु के जन्म के बाद समय पर स्तनपान शुरू करने, नियमित स्तनपान कराने तथा बच्चे की उम्र के अनुरूप पोषण संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी दी गई। स्तनपान शिशु के स्वास्थ्य और जीवन रक्षा को सुनिश्चित करने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है, फिर भी वर्तमान में, 6 महीने से कम उम्र के आधे से भी कम शिशु विशेष रूप से स्तनपान करते हैं।
मां का स्वस्थ होगी तो शिशु भी स्वस्थ होगा
माताओं को अपने खान-पान, स्वच्छता और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने के लिए भी प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि मां का स्वास्थ्य सीधे तौर पर शिशु के स्वास्थ्य और विकास से जुड़ा है। ऐसे में गर्भावस्था से लेकर प्रसव के बाद तक संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराना आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान माताओं से स्तनपान एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य से संबंधित सही जानकारी परिवार और आसपास की अन्य महिलाओं तक पहुंचाने का आह्वान किया गया।



