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रिखणीखाल थाने में ‘खाकी’ के पहरे के बीच घुसे दो गुलदार, CCTV में कैद हुआ खौफनाक मंजर

यमकेश्वर, 13 अगस्त, 26. उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के रिखणीखाल थाने में सुरक्षा व्यवस्था और वन्य जीवों की दस्तक को लेकर  हैरान करने वाली तस्वीरें सामने आई है. रिखणीखाल थाने में एक नहीं, बल्कि दो गुलदार घुस गए. पूरी घटना थाने में लगे CCTV कैमरों में कैद हुई है. घटना 7 अगस्त की रात की बताई जा रही है.

कुत्ते का पीछा करते हुए थाना परिसर में घुसा गुलदार
रिखणीखाल थाने में तैनात इंस्पेक्टर मोहम्मद अकरम अंसारी के मुताबिक, रात के समय कुछ पुलिसकर्मी क्षेत्र में गश्त पर थे, जबकि कुछ थाने में सो रहे थे. इसी दौरान एक कुत्ता थाने के परिसर में दाखिल हुआ. उसके पीछे-पीछे एक गुलदार भी अंदर आ गया. थाने के भीतर हलचल और आहट होने पर गुलदार अचानक वापस भागने लगा, तभी CCTV में उसके पीछे एक और गुलदार दौड़ता हुआ नजर आया, यानी थाने के परिसर में एक साथ दो गुलदार मौजूद थे.

जवानों और स्थानीय लोगों के बीच दहशत का माहौल
घटना के बाद थाने में तैनात पुलिसकर्मियों के साथ-साथ आसपास के लोगों में भी दहशत का माहौल है. गुलदारों का पुलिस थाने तक पहुंचना क्षेत्र में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष की चिंता बढ़ा रहा है. सवाल यह है कि जब गुलदार पुलिस थाने तक पहुंच रहे हैं, तो रिहायशी इलाकों में लोगों की सुरक्षा कितनी महफूज है?

वन विभाग की गश्त और सुरक्षा की अपील
डीएफओ पौड़ी महातिम यादव ने बताया 1 जनवरी 2026 से अब तक गुलदार के हमलों में 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 8 लोग घायल हुए हैं. उन्होंने कहा गढ़वाल वन प्रभाग के जिन क्षेत्रों से गुलदार की चहलकदमी की शिकायतें मिल रही हैं. वहां वन विभाग की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं. उन्होंने बताया ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं. वन विभाग की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं. लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है.

जंगलों में प्राकृतिक भोजन की कमी के कारण रिहायशी इलाकों की तरफ वन्यजीव रुख करते हैं. इस दौरान खाद्य की तलाश में जंगली जानवर अलावा, मानव बस्तियों की ओर बढ़ते हैं. जलवायु परिवर्तन और आवासीय क्षेत्र का बिगड़ना भी इनका आवासीय क्षेत्रों की ओर आना अहम कारण है. जिसके चलते भालू, गुलदार और हाथियों के पारंपरिक रास्ते बदल गए हैं.

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