उत्तराखंड का 36 पर्वतारोही महिला दल स्वर्गारोहिणी-I, भागीरथी-II और पंचाचूली-I पर करेंगे चढ़ाई

देहरादून, 28 सितंबर, 26. उत्तराखंड के 36 युवा पर्वतारोही अब हिमालय की तीन ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहराने के अभियान पर निकल गए हैं. उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद और भारतीय पर्वतारोहण संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इन तीन पर्वतारोहण अभियानों को देहरादून के हिमालयन कल्चर सेंटर से रवाना किया गया. पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने हरी झंडी दिखाकर सभी दलों को रवाना किया.
इस दौरान सचिव पर्यटन और उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी धीराज गर्ब्याल एवं भारतीय पर्वतारोहण संघ के अध्यक्ष कर्नल विजय सिंह भी मौजूद रहे. इन अभियानों में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से चयनित 36 युवा पर्वतारोही शामिल हैं. तीनों दलों में 12-12 सदस्य हैं. ये दल गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र की तीन प्रमुख हिमालयी चोटियों का आरोहण करेंगे.
दशरथ सिंह रावत संभाल रहे दल की जिम्मेदारी
पहला दल 6,512 मीटर ऊंचे माउंट भागीरथी-II के लिए रवाना हुआ है. इस दल की कमान दशरथ सिंह रावत संभाल रहे हैं. दूसरा दल 6,355 मीटर ऊंचे माउंट पंचाचूली-I का आरोहण करेगा और इसके टीम लीडर विजय सिंह रौतेला हैं. तीसरा दल 6,252 मीटर ऊंचे माउंट स्वर्गारोहिणी- I के लिए रवाना हुआ है. इस दल का नेतृत्व अनुभवी पर्वतारोही लता बिष्ट कर रही हैं.
माउंट स्वर्गारोहिणी- I आरोहण में सिर्फ महिला पर्वतारोही शामिल
इन तीनों अभियानों में सबसे खास माउंट स्वर्गारोहिणी-I का दल है. इस अभियान में केवल महिला पर्वतारोही शामिल हैं. लता बिष्ट के नेतृत्व में उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों की 12 महिला पर्वतारोही इस दल का हिस्सा हैं.
देहरादून, पौड़ी जिलों की महिला पर्वतारोही शामिल
इनमें नैनीताल, पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी, देहरादून, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और टिहरी की महिला पर्वतारोही शामिल हैं. महिला दल की भागीदारी को उत्तराखंड में पर्वतारोहण और एडवेंचर स्पोर्ट्स में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के तौर पर देखा जा रहा है.
पर्यटन विभाग के मुताबिक, इन पर्वतारोहण अभियानों को केवल एक अलग आयोजन के तौर पर नहीं देखा जा रहा है. इन्हें उत्तराखंड को देश के प्रमुख एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की व्यापक योजना से जोड़ा गया है. इसके तहत पर्वतारोहण के साथ ट्रेकिंग रूट की मैपिंग, युवाओं को प्रशिक्षण और बड़े स्तर के एडवेंचर इवेंट आयोजित किए जा रहे हैं.
ट्रेकिंग मार्गों का तैयार किया जा रहा डिजिटल डेटा
बीती 18 सितंबर को उत्तराखंड के 100 ट्रेकिंग रूट की जीपीएस (GPS) मैपिंग के लिए दल रवाना किए गए थे. इनमें गढ़वाल के 50 और कुमाऊं के 50 ट्रेकिंग रूट शामिल हैं. इस अभियान के जरिए इन ट्रेकिंग मार्गों का डिजिटल डेटा तैयार किया जा रहा है. इसके साथ ही मोबाइल ट्रेकिंग नेविगेशन ऐप और ‘द ट्रेक्स ऑफ उत्तराखंड’ नाम से कॉफी टेबल बुक तैयार की जाएगी. इससे प्रदेश के ट्रेकिंग रूट से जुड़ी जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी. उत्तराखंड पर्यटन की योजना में आने वाले महीनों के कई बड़े एडवेंचर आयोजन भी शामिल हैं.
24 से 26 अक्टूबर 2026 तक पिथौरागढ़ में आदि कैलाश परिक्रमा 2.0 आयोजित होगी. इसके बाद 20 से 26 नवंबर तक अल्टीमेट उत्तराखंड एमटीबी चैलेंज (Ultimate Uttarakhand MTB Challenge) का पांचवां संस्करण आयोजित किया जाएगा. यह आयोजन मुक्तेश्वर से मसूरी तक करीब 700 किलोमीटर के रूट पर होगा.
इसके अलावा 19 से 21 नवंबर 2026 तक हिमालयन कार रैली (Himalayan Car Rally) आयोजित की जाएगी. पर्यटन विभाग के मुताबिक, यह आयोजन 1980 और 1990 के दशक में चर्चित रही Ultimate Himalayan Car Rally को दोबारा शुरू करने की दिशा में पहला कदम है. इस तरह पर्वतारोहण, ट्रेकिंग, माउंटेन बाइकिंग और मोटर एडवेंचर को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने की तैयारी की जा रही है.
क्या बोले पर्यटन मंत्री? उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि पर्वतारोहण केवल किसी शिखर तक पहुंचने का अभियान नहीं है. इसमें अनुशासन, धैर्य और नेतृत्व की भी परीक्षा होती है. उन्होंने महिला पर्वतारोहियों के दल को प्रदेश की बेटियों के साहस का प्रेरक उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि,
सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड के युवा हिमालय को केवल देखने तक सीमित न रहें, बल्कि प्रशिक्षित पर्वतारोही, गाइड और एडवेंचर प्रोफेशनल के तौर पर आगे आएं. इससे युवाओं के लिए उनके अपने क्षेत्र में रोजगार और आजीविका के नए अवसर तैयार होंगे.
-पर्यटन मंत्री, सतपाल महाराज
100 ट्रेकिंग रूट की GPS मैपिंग से लेकर युवा पर्वतारोहियों के अभियानों और बड़े एडवेंचर आयोजनों तक की गतिविधियां इसी दिशा में आगे बढ़ रही हैं. इन अभियानों के जरिए एक तरफ युवाओं को पर्वतारोहण का अनुभव मिल रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्रों को एडवेंचर टूरिज्म के नक्शे पर और मजबूती से स्थापित करने की पहल भी जारी है.



