
बिथ्याणी, 19 अगस्त, 26. महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय, बिथ्याणी में एंटी-ड्रग समिति के तत्वावधान में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना, “नशे को ना” कहने के लिए प्रेरित करना और महाविद्यालय परिसर को पूरी तरह नशा मुक्त बनाना था।
शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य पर चर्चा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) योगेश कुमार शर्मा ने नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा का सही दिशा में प्रयोग करें और नशे से दूर रहें। प्राचार्य महोदय ने इस प्रकार के जागरूकता अभियान आयोजित करने के लिए एंटी-ड्रग समिति के प्रयासों की जमकर सराहना की।
कैंपस से लेकर गांवों तक चला हस्ताक्षर अभियान


कार्यक्रम के दौरान जागरूकता फैलाने के लिए एक विशाल हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। एक विशेष बैनर पर, जिस पर “मैं शपथ लेता/लेती हूँ कि मैं जीवन में कभी भी किसी प्रकार का नशा नहीं करूँगा/करूँगी” लिखा हुआ था, सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने हस्ताक्षर कर नशा विरोधी मुहिम को अपना समर्थन दिया। इस अभियान को केवल महाविद्यालय तक सीमित न रखकर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों जैसे चाई दमराड़ा और बिथ्याणी तक ले जाया गया, जहां ग्रामीणों ने भी बढ़-चढ़कर हस्ताक्षर अभियान में हिस्सा लिया।
सामूहिक नशा मुक्ति शपथ
हस्ताक्षर अभियान के पश्चात परिसर में उपस्थित सभी लोगों को एंटी-ड्रग की शपथ दिलाई गई। सभी प्राध्यापकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने एक साथ हाथ उठाकर जीवन में कभी नशा न करने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
वरिष्ठ जन रहे मौजूद
इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के अनेक सदस्य और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से प्राध्यापकगण डॉ. गिरिराज सिंह, डॉ. विकास रंजन, डॉ. विनय कुमार पांडे, डॉ. सुनील देवरारी, डॉ. दीपा शर्मा, डॉ. हिमानी बडोनी, डॉ. केशव प्रसाद डबराल, डॉ. सुरेश कुमार चौबे सहित प्रशासनिक अधिकारी महेंद्र सिंह बिष्ट मौजूद रहे।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के अन्य कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।



