
यमकेश्वर, 21 अगस्त, 26. महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय बिथ्याणी में प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) योगेश कुमार शर्मा के संरक्षण में आज ‘मानसिक स्वास्थ्य’ विषय पर एकदिवसीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई एवं एंटी ड्रग सेल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
सकारात्मक सोच और अनुशासित दिनचर्या ही स्वस्थ मन की कुंजी

कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. नीरज नौटियाल ने मन और बुद्धि की कार्यप्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला। तत्पश्चात एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. दीपा शर्मा ने स्वयंसेवियों को निस्वार्थ भाव से राष्ट्र सेवा करने की सीख दी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) यमकेश्वर से आईं डॉ. आंचल सिलोड़ी ने मानसिक स्थिति का शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मन में चलने वाली हलचलों के कारण शरीर में कौन-कौन से लक्षण दिखाई देते हैं और किन शारीरिक संकेतों पर सतर्क रहने की आवश्यकता है।

ओ.सी.डी. और मानसिक संतुलन पर विशेषज्ञों के विचार
CHC यमकेश्वर के डॉ. अजित तिवारी ने कहा कि मस्तिष्क को हमेशा सकारात्मक विचारों में व्यस्त रखना चाहिए। उन्होंने मानसिक बीमारी ‘ओ.सी.डी.’ (OCD) के कारणों एवं लक्षणों पर विस्तृत चर्चा की। इसके बाद आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में डॉ. अजित ने स्वयंसेवियों, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों की शंकाओं के संतोषजनक उत्तर दिए।

कार्यक्रम में विशेष रूप से पहुंचे पुलिस अधीक्षक श्री गिरिजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य ठीक न होने से समाज में किस प्रकार की दुर्घटनाएं और अपराध जन्म लेते हैं। उन्होंने तनावमुक्त रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया।
नई शिक्षा नीति और NSS का महत्व
महाविद्यालय के प्राचार्य एवं संरक्षक प्रोफेसर (डॉ.) योगेश कुमार शर्मा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के महत्व को रेखांकित किया। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के इतिहास, उद्देश्यों और इसके आदर्श वाक्य “मैं नहीं, आप” (Not Me, But You) के मूल दर्शन को समझाते हुए विद्यार्थियों को समाज निर्माण में भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापक, कर्मचारी एवं स्वयंसेवी उपस्थित रहे डॉ. तनूजा बिष्ट, डॉ. रितु कश्यप, डॉ. गिरिराज सिंह, डॉ. विकास रंजन, डॉ. सुनील देवरारी, डॉ. सुरेश कुमार चौबे, डॉ. पूजा रानी, डॉ. हिमानी बडोनी एवं डॉ. केशव प्रसाद डबराल एवं प्रशासनिक अधिकारी महेंद्र सिंह बिष्ट, मानेंद्र सिंह बिष्ट, सरोज, अरविंद कुमार, बीना देवी, अखिलेश, धर्मेंद्र, प्रशांत, श्री शंकर उपस्थित रहे।



