उत्तराखंड के युवाओं को हर जिले में मिलेगी विदेशी भाषा की ट्रेनिंग, रोजगार के मिलेंगे अवसर

देहरादून, 14 अक्टूबर, 26. मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में प्रदेश के युवाओं को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण प्रदान करने तथा उनके लिए रोजगार के नए अवसर विकसित करने के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों के साथ बैठक की। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि विदेशी भाषा प्रशिक्षण को व्यापक कौशल विकास कार्यक्रम के रूप में विकसित किया जाए, ताकि स्कूली विद्यार्थियों, आईटीआई विद्यार्थियों, चिकित्सा एवं नर्सिंग क्षेत्र से जुड़े युवाओं के साथ ही अन्य इच्छुक व्यक्तियों को इसका लाभ मिल सके।
मुख्य सचिव ने कहा कि कौशल विकास एवं सेवायोजन कार्यालय द्वारा वर्तमान में देहरादून, अल्मोड़ा एवं बागेश्वर में संचालित विदेशी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को विस्तारित करते हुए प्रदेशभर में शुरू किया जाए। उन्होंने प्रत्येक जनपद में विदेशी भाषा प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करते हुए, कौशल विकास विभाग के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में संचालित हो रहे केन्द्रों को भी इसमें शामिल करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षण कार्यक्रमों को रोजगार की वास्तविक मांग के अनुरूप विदेशी भाषा में दक्ष युवाओं को देश-विदेश में उपलब्ध रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए सम्बन्धित एजेंसियों के साथ निरन्तर समन्वय किया जाए। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ ही युवाओं को मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किए जाने पर जोर दिया।
मुख्य सचिव ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए दून विश्वविद्यालय से विदेशी भाषाओं की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों की सेवाएं लेने की बात कही। कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें शैक्षणिक क्रेडिट अथवा अन्य प्रोत्साहन देने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने नर्सिंग पाठ्यक्रम में विदेशी भाषाओं को शामिल करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश के सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में लगभग 600 युवा नर्सिंग प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, इन नर्सिंग विद्यार्थियों को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण उपलब्ध कराना इनके लिए उपयोगी होगा।
इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, विनय शंकर पाण्डेय, ज्योति यादव, कुलपति दून विश्वविद्यालय प्रो. सुरेखा डंगवाल एवं अपर सचिव मनुज गोयल भी उपस्थित थे।



