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आदि कैलाश, ओम पर्वत यात्रा के टूरिस्ट परमिट के लिए 26 अक्टूबर तक करना होगा इंतजार

पिथौरागढ़, 20 अक्टूबर, 26. आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा पर जाने वाले पर्यटकों को 26 अक्टूबर तक इनर लाइन परमिट (ILP) के लिए इंतजार करना होगा. आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 को देखते हुए प्रशासन ने 19 से 26 अक्टूबर तक सामान्य पर्यटकों के लिए परमिट जारी करने पर अस्थायी रोक लगा दी है. इस दौरान केवल प्रतियोगिता में शामिल होने वाले धावकों और अधिकृत अधिकारियों को ही परमिट जारी किए जाएंगे. आयोजन संपन्न होने के बाद पर्यटकों के लिए परमिट जारी करने की प्रक्रिया दोबारा शुरू होगी.

आदि कैलाश के उच्च हिमालयी क्षेत्र में 24 से 26 अक्टूबर तक अल्ट्रा मैराथन का आयोजन होना है. प्रतियोगिता में देश के अलग-अलग हिस्सों से धावकों के पहुंचने की उम्मीद है. आयोजन के तहत 26 अक्टूबर को मोटर बाइकिंग भी होगी. प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों की आवाजाही और आयोजन की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए परमिट जारी करने की व्यवस्था में बदलाव किया गया है. इस वर्ष आदि कैलाश रन के लिए अब तक करीब 1,300 धावक पंजीकरण करा चुके हैं. प्रतियोगिता को लेकर तैयारियां की जा रही हैं.

आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में प्रतिभागियों और अधिकारियों की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन ने सामान्य पर्यटकों के लिए परमिट जारी करने पर रोक लगाई है. क्षेत्र में भीड़ बढ़ने से व्यवस्थाएं प्रभावित न हों. आदि कैलाश और ओम पर्वत जाने वाले पर्यटकों के ठहरने के लिए गुंजी, नाभि और कुटी गांवों में होम स्टे की सुविधा उपलब्ध है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन क्षेत्रों में एक दिन में करीब 1,000 से 1,500 लोगों के ठहरने की व्यवस्था है. अल्ट्रा मैराथन के दौरान धावकों और अन्य प्रतिभागियों की आवाजाही बढ़ने की संभावना को देखते हुए पर्यटकों के परमिट जारी करने पर अस्थायी रोक लगाई गई है.

उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में आदि कैलाश क्षेत्र की अंतरराष्ट्रीय पर्यटन पहचान को मजबूत करने और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित होने वाली आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन 2.0 की तैयारियां तेज हो गई हैं. आगामी 24 से 26 अक्टूबर तक आयोजित होने वाली इस मैराथन को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है.

जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने मंगलवार को गुंजी पहुंचकर आयोजन स्थल और मैराथन मार्ग पर की जा रही व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया. उन्होंने संबंधित विभागों को सभी तैयारियां समय से पूरी करने और व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के कड़े निर्देश दिए. जिलाधिकारी ने सेना, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) सहित अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की.

उन्होंने कहा उच्च हिमालयी क्षेत्र में होने वाली इस मैराथन में धावकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और मार्ग की स्थिति सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करें कि प्रतिभागियों को दौड़ के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े. डॉक्टरों और एंबुलेंस की होगी तैनाती.

आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने और आदि कैलाश को पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण आयोजन है. देश के दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले धावकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है, ताकि वे यहां से सुखद अनुभव लेकर लौटें. निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी धारचूला आशीष जोशी, उपनिदेशक पर्यटन अतुल भंडारी तथा सेना, एसएसबी, आईटीबीपी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे. आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन कवर करने के लिए ईटीवी भारत की टीम वहां पहुंच रही है.
आशीष भटगांई, जिलाधिकारी

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