
रुद्रप्रयाग, 21 अक्टूबर, 26. विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में बुधवार दोपहर बाद हल्की बर्फबारी हुई. जिससे केदारपुरी में ठंड में इजाफा हो गया है. बर्फबारी के बीच धाम पहुंचे देश-विदेश के श्रद्धालुओं ने जहां बर्फ की सफेद चादर से ढकी वादियों का आनंद लिया, तो वहीं शाम होते-होते तापमान में गिरावट के कारण ठिठुरन भी बढ़ गई. मौसम में आए बदलाव को देखते हुए प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से एहतियात बरतने और पूरी तैयारी के साथ यात्रा करने की अपील की है.
अब तक 17.84 लाख से ज्यादा श्रद्धालु कर चुके बाबा केदार के दर्शन
बर्फबारी और गिरते तापमान के बावजूद केदारनाथ धाम की यात्रा सुचारू रूप से संचालित हो रही है. इस साल अब तक 17,84,660 श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं. धाम के कपाट आगामी 11 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे. कपाट बंद होने की तिथि नजदीक आने के साथ ही यात्रा अंतिम चरण में पहुंच गई है, लेकिन श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार जारी है.
सामान्य रूप से चल रही केदारनाथ यात्रा
वहीं, रुद्रप्रयाग जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि बीते एक हफ्ते से मौसम अनुकूल रहने के कारण यात्रा व्यवस्थाएं सामान्य बनी हुई हैं. हेली सेवाओं का संचालन भी सुचारू रूप से किया जा रहा है. जिला प्रशासन का प्रयास है कि यात्रा के शेष दिनों में भी श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. ताकि, वे सुरक्षित और सुगम तरीके से बाबा के दर्शन कर सकें.
केदारनाथ धाम में बर्फबारी के साथ तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. ऊंचाई वाले क्षेत्र में मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए श्रद्धालुओं को यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी अवश्य प्राप्त करनी चाहिए. यात्रियों से अपील है कि पर्याप्त गर्म कपड़े, जरूरी सामग्री और अपनी आवश्यकता के अनुसार दवाइयां साथ रखें.
– विशाल मिश्रा, डीएम, रुद्रप्रयाग
ठंड से बचाव के लिए बरतें सावधानियां: उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान मौसम संबंधी परिस्थितियों को गंभीरता से लें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें. विशेष रूप से ठंड से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बरतें. ताकि, किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
जिलाधिकारी ने कहा कि कपाट बंद होने तक यात्रा व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी. प्रशासन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं. ताकि, यात्रा के अंतिम दिनों में भी श्रद्धालु सुरक्षित रूप से बाबा केदार के दर्शन कर सकें।



