CBSE ने 10वीं-12वीं के छात्रों को LOC में सुधार का आखिरी मौका, 7 नवंबर तक गलतियां ठीक कर सकेंगे स्कूल

नई दिल्ली, 2 नवम्बर, 26. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षा 2026-27 की तैयारी कर रहे छात्रों को बड़ी राहत दी है. बोर्ड ने छात्रों के परीक्षा रिकॉर्ड यानी लिस्ट ऑफ़ कैंडीडेट्स (LOC) में हुई गलतियों को सुधारने के लिए 7 नवंबर तक करेक्शन विंडो खोल दी है. इस दौरान स्कूल छात्रों के नाम, माता-पिता के नाम, जन्मतिथि और चुने गए विषयों से जुड़ी गलतियों को ठीक कर सकेंगे. CBSE ने साफ कर दिया है कि यह सुधार का आखिरी मौका होगा. इसके बाद छात्रों के रिकॉर्ड में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा. ऐसे में बोर्ड ने स्कूलों के साथ-साथ अभिभावकों को भी अपने बच्चों की जानकारी ध्यान से जांचने की सलाह दी है.
स्कूलों के माध्यम से होगा डेटा में सुधार
CBSE ने जारी सर्कुलर में बताया है कि 10वीं-12वीं के छात्रों की LOC में सही जानकारी भरना जरूरी है. बोर्ड ने इससे पहले 17 सितंबर 2026 को भी इस संबंध में नोटिस जारी किया था. बोर्ड के निर्देश के अनुसार, LOC जमा होने के बाद स्कूल प्रत्येक छात्र के लिए डेटा वेरिफिकेशन स्लिप तैयार करेंगे. इस स्लिप में दर्ज जानकारी की जांच छात्र और अभिभावक कर सकेंगे. अगर किसी तरह की गलती मिलती है तो स्कूल के माध्यम से निर्धारित समय के अंदर उसे ठीक कराया जा सकता है.
नाम और जन्मतिथि में गलती सुधारने का मौका
बोर्ड ने छात्रों की व्यक्तिगत जानकारी को लेकर विशेष सावधानी बरतने को कहा है. इसके तहत छात्र का नाम, पिता का नाम, माता का नाम और अभिभावक के नाम में हुई गलती को सुधारा जा सकेगा. इसके अलावा जन्मतिथि में कोई गलती होने पर भी सुधार कराया जा सकता है. CBSE ने अभिभावकों से कहा है कि वे अपने बच्चों के सभी व्यक्तिगत विवरणों को ध्यान से जांचें. नाम और जन्मतिथि की स्पेलिंग समेत सभी जानकारियों का मिलान संबंधित दस्तावेजों से जरूर करें, जिससे भविष्य में मार्कशीट या अन्य प्रमाणपत्रों में परेशानी न हो.
छोटे नाम की जगह पूरा नाम दर्ज कराने की सलाह
CBSE ने 10वीं-12वीं के छात्रों के नाम को लेकर भी निर्देश दिया है. बोर्ड ने कहा है कि LOC में छात्रों के नाम संक्षिप्त रूप में दर्ज नहीं किए जाने चाहिए. नाम का पूरा विस्तृत रूप लिखा जाना चाहिए, क्योंकि भविष्य में कई आधिकारिक दस्तावेजों में पूरे नाम की जरूरत पड़ती है. बोर्ड ने यह भी सलाह दी है कि यदि छात्र भविष्य में विदेश जाने की योजना बना रहे हैं तो उनके नाम के साथ सरनेम भी सही तरीके से होना चाहिए. कई देशों में आधिकारिक दस्तावेजों के लिए सरनेम जरूरी होता है.
पासपोर्ट और विषयों की जानकारी भी जांचें
बोर्ड ने अभिभावकों को सलाह दी है कि यदि उनके बच्चे का पासपोर्ट बना हुआ है तो LOC में भरी हुई जानकारी का मिलान पासपोर्ट में दिए गए विवरण से भी कर लें. इससे दोनों दस्तावेजों में जानकारी एक जैसी बनी रहेगी. इसके अलावा 10वीं और 12वीं के छात्रों के विषयों की जानकारी भी ध्यान से जांचने को कहा गया है. बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि करेक्शन विंडो बंद होने के बाद विषयों में बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा. इसलिए छात्रों को अपने चुने हुए विषयों की जानकारी समय रहते जांच लेनी चाहिए.
7 नवंबर के बाद नहीं मिलेगा दूसरा मौका
परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने सभी संबद्ध स्कूलों के प्रिंसिपल और प्रमुखों को निर्देश दिया है कि वे इस सर्कुलर की जानकारी छात्रों और अभिभावकों तक पहुंचाएं. स्कूलों को निर्धारित समय के अंदर LOC में जरूरी सुधार कराने होंगे. बोर्ड ने साफ शब्दों में कहा है कि तय समय सीमा खत्म होने के बाद डेटा में बदलाव या सुधार के लिए कोई दूसरा अवसर नहीं दिया जाएगा. इस प्रक्रिया का उद्देश्य बोर्ड परीक्षा से पहले छात्रों का रिकॉर्ड सही करना है, जिससे परीक्षा और परिणाम जारी करने के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो.



