उत्तराखंडबड़ी खबरमनोरंजनयूथ कार्नरशिक्षासामाजिकस्वास्थ्य

यमकेश्वर क्षेत्र में पेयजल संकट सेे निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण और निर्णायक बैठक

यमकेश्वर, 16 दिसम्बर। पेयजल संकट से जूझ रहे यमकेश्वर ब्लॉक सभागार में एक व्यापक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इसमें जल संस्थान एवं जल निगम के सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे, वहीं जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रवासियों को शुद्ध और नियमित पेयजल उपलब्ध कराने में आ रही समस्याओं की गहन समीक्षा करना तथा उनके स्थायी समाधान की ठोस रूपरेखा तैयार करना रहा।

ब्लाक प्रमुख सीता चौहान ने बैठक की अगुवाई की
बैठक की अध्यक्षता यमकेश्वर ब्लॉक प्रमुख सीता चौहान की अगुवाई में हुई। उन्होंने क्षेत्र में पेयजल संकट की गंभीरता को रेखांकित करते कहा कि पानी जीवन की मूल आवश्यकता है और इसकी कमी आमजन के दैनिक जीवन, स्वास्थ्य और विकास को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती है। उन्होंने अधिकारियों के समक्ष विभिन्न ग्राम सभाओं से प्राप्त शिकायतों, ग्रामीणों की परेशानियों और जमीनी हकीकत को विस्तारपूर्वक रखा।

ब्लॉक प्रमुख सीता चौहान ने कहा कि यमकेश्वर क्षेत्र के कई गांवों में गर्मियों के दौरान पेयजल संकट और अधिक गहरा जाता है। कई स्थानों पर जल स्रोत सूख रहे हैं, पाइपलाइनें क्षतिग्रस्त हैं, तो कहीं योजनाएं तो बनी हैं लेकिन उनका सही संचालन नहीं हो पा रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि आमजन को बार-बार पानी के लिए संघर्ष न करना पड़े।

बैठक में जल संस्थान एवं जल निगम के अधिकारियों ने क्षेत्र में संचालित पेयजल योजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। अधिकारियों ने स्वीकार किया कि कुछ योजनाओं में तकनीकी खामियां, पुरानी पाइपलाइनें, बढ़ती आबादी और जल स्रोतों पर बढ़ते दबाव के कारण समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि कई स्थानों पर नए ट्यूबवेल, पंपिंग योजनाएं और वैकल्पिक जल स्रोतों की संभावनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

ब्लॉक प्रमुख बोले- ठोस कार्य योजना होगी तैयार
बैठक के अंत में ब्लॉक प्रमुख सीता चौहान जी ने स्पष्ट किया कि पेयजल समस्या को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधि पूरी तरह गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि आज की बैठक केवल चर्चा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके निष्कर्षों के आधार पर ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने और नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से प्रगति की निगरानी करने के निर्देश दिए। बैठक के बाद क्षेत्रवासियों में एक नई उम्मीद जगी है कि अब पेयजल संकट के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। बैठक में सहसंयोजक नीरज कुकरेती, सुरजीत सिंह राणा, हेमंत कुड़ियल सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने दिया आश्वासन
अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जिन गांवों में पेयजल संकट अत्यधिक गंभीर है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित किया जाएगा। खराब पड़ी योजनाओं की मरम्मत, लीकेज रोकने, नई पाइपलाइन बिछाने तथा जल स्रोतों के संरक्षण के लिए शीघ्र कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही, दीर्घकालिक समाधान के तहत स्थायी जल योजनाओं पर भी तेजी से काम किया जाएगा, ताकि आने वाले वर्षों में जल संकट की पुनरावृत्ति न हो। बैठक में यह भी चर्चा की गई कि पेयजल योजनाओं के क्रियान्वयन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इससे योजनाओं की निगरानी बेहतर होगी और समस्याओं की जानकारी समय रहते विभाग तक पहुंच सकेगी। ब्लॉक प्रमुख ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे फील्ड में जाकर स्वयं स्थिति का जायजा लें और कागजी कार्यवाही के साथ-साथ जमीनी स्तर पर भी सक्रियता दिखाएं।

Related Articles

Back to top button