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कड़े पहरे के बीच बोर्ड परीक्षाएं शुरू, जूते-चप्पल तक उतारना पड़ गया बच्चों को

रामनगर (नैनीताल)। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की ओर से संचालित हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं बृहस्पतिवार (16 मार्च) से प्रदेश भर में शुरू हो गई हैं। पहले दिन 12वीं के 3324 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। बोर्ड मुख्यालय से जारी सूचना के अनुसार प्रदेश के किसी भी जिले में नकल का कोई मामला प्रकाश में नहीं आया।

नंगे पैर परीक्षा कक्ष तक पहुंचे परीक्षार्थी
नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए उत्तराखंड बोर्ड के परीक्षार्थियों के जूते-चप्पल उतरवाकर उन्हें नंगे पैर परीक्षा कक्ष तक भेजा गया। बच्चों को नंगे पैर परीक्षा कक्ष तक भेजने के मुद्दे पर जब परीक्षा प्रभारी से बात की गयी तो उनका कहना था कि नकल न हो इसके लिए प्रशासन से सख्त निर्देश मिले हैं। छात्र-छात्राएं जूतों और जुराबों के अंदर पर्चियां छिपाकर न ले जाएं, इसलिए सावधानी के कारण ऐसा किया गया है। हालांकि उत्तराखंड बोर्ड की सचिव डा. नीता तिवारी से जब इस संबंध में बातचीत की गयी तो उनका कहना था कि परीक्षा के लिए प्रशासन की अपने स्तर पर पूरी तैयारी होती है, चेकिंग के पूरे इंतजाम कये जाते हैं, लेकिन जूते-चप्पल उतारकर परीक्षा केंद्र में जाने के कोई भी आदेश नहीं दिये गये हैं, अगर ऐसा हुआ है तो इसकी जांच कराई जायेगी।

पहले दिन 3,315 परीक्षार्थियों ने छोड़ी परीक्षा
बृहस्पतिवार को इंटरमीडिएट की हिंदी और कृषि हिंदी विषय की परीक्षा हुई। हिंदी विषय में 1,24,090 विद्यार्थी पंजीकृत थे जिनमें से 1,20,775 परीक्षार्थी ही परीक्षा में शामिल हुए। 3,315 ने परीक्षा छोड़ दी। इनमें हरिद्वार जिले के 867, देहरादून के 381, उत्तरकाशी के 150, टिहरी के 218, पौड़ी के 163, चमोली के 132, रुद्रप्रयाग के 66, पिथौरागढ़ के 132, चंपावत के 53, अल्मोड़ा के 98, बागेश्वर के 71, नैनीताल के 179 और ऊधमसिंह नगर जिले 796 परीक्षार्थी शामिल हैं। कृषि हिंदी में पंजीकृत 511 परीक्षार्थियों में से 502 उपस्थित हुए। नौ परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। https://sarthakpahal.com/

191 संवेदनशील, 18 अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्र
हाईस्कूल, इंटरमीडिएट के लिए पूरे प्रदेश में 1333 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 191 संवेदनशील और 18 अति संवेदनशील केंद्र हैं। एकल परीक्षा केंद्र 34, 1299 मिश्रित केंद्र बनाए गए हैं। पौड़ी में सबसे अधिक परीक्षा केंद्र 136, जबकि चंपावत में सबसे कम 39 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर प्रशासन की ओर से पुलिस बल की व्यवस्था की जाएगी।

सीएम ने दी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कल से शुरू हुई उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा के संबंध में सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थी तनावमुक्त होकर अपनी-अपनी परीक्षाएं दें। वहीं उन्होंने अभिभावकों से भी अनुरोध किया कि वे बच्चों पर परीक्षा का अतिरिक्त दबाव न डालें, उन्हें सकारात्मक परिवेश देने का प्रयास करें। उन्होंने दसवीं और बारहवीं के परीक्षार्थियों को शुभाकामनाएं भी दीं।

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