उत्तराखंडक्राइमबड़ी खबरयूथ कार्नरसामाजिक

नंदा गौरा देवी कन्याधन योजना में जाली आय प्रमाणपत्र बनाकर लाखों का फर्जीबाड़ा

हरिद्वार। हरिद्वार जिले में नंदा-गौरा देवी कन्याधन योजना में भारी फर्जीबाड़ा सामने आया है। योजना का लाभ लेने के लिए फर्जी आय प्रमाण पत्र बनाये जा रहे थे। जब सीडीओ प्रतीक जैन की ओर से इस मामले की जांच कराई गयी तो ऐसे 193 मामले पकड़ में आये। इन सभी लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। https://sarthakpahal.com/

सीडीओ के निर्देश पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने जांच के बाद शनिवार को रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग में 2022-23 में नंदा गौरादेवी कन्याधन योजना के पहले चरण (बालिका के जन्म) में लाभ लेने के लिए कुल 1,328 लोगों ने आवेदन किया था, जिनमें 70 आवेदनों में फर्जी आय प्रमाणपत्र का सहारा लिया गया। द्वितीय चरण में इंटर पास के 4,174 आवेदन आए। जिनमें से 123 में फर्जी आय प्रमाणपत्र मिले। इन सभी आवेदनों को निरस्त कर दिया।

क्या है नंदा-गौरादेवी कन्याधन योजना
प्रदेश के नंदा देवी कन्याधन और गौरा देवी कन्याधन योजना को तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने जनवरी 2018 में विलय कर नंदा-गौरा देवी कन्याधन योजना शुरू की थी, जिसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर, ओबीसी, एसी व एसटी परिवारों में कन्या के जन्म के समय 11 हजार रुपये और उसके इंटर पास करने पर 51 हजार रुपये देने का प्रावधान है। योजना की खास बात यह है कि इसकी धनराशि सीधे खाते में जाती है। इस योजना का मकसद कन्याओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना है।

आय प्रमाणपत्र तहसील से बनते हैं, जो पीडीएफ के रूप में आते हैं। प्रमाणपत्र की डिजिटल कापी में व्यक्तियों अथवा सीएससी सेंटर के स्तर से हेराफेरी की गयी है। इन सभी 193 मामलों में मुकदमा दर्ज करने के आदेश कर दिये गये हैं। फर्जीबाड़ा में जो भी शामिल थे, सभी के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दे दिये गये हैं।
प्रतीक जैन, मुख्य विकास अधिकारी, हरिद्वार

Related Articles

Back to top button