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रामनवमी पर राम मंदिर का खूबसूरत video जारी, देखिये और नमन कीजिए

अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने रामनवमी के मौके पर निर्माणाधीन राम मंदिर का वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया। मंदिर का निर्माण तेजी से हो रहा है। 50 फीसदी से ज्यादा निर्माण पूरा हो चुका है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले साल तक मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा।

रामनवमी पर आज पूरे देश में श्रीरामजन्मोत्व मनाया जा रहा है। रामनगरी में भव्य आयोजन किया गया है। यह नगरी श्रद्धालुओं से खचाखच भर गई है। सैकड़ों लोग सरयू स्नान कर रहे हैं। वहीं श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण तेजी से चल रहा है। इस बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने गुरुवार को निर्माणाधीन भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर का एक खूबसूरत वीडियो ट्विटर पर जारी किया। इस वीडियो के साथ उन्होंने लिखा- रामनवमी की मंगलकामनाएं। देशवासियों पर भगवान श्रीराम की असीम अनुकंपा सदा बनी रहे। जय श्रीराम। वहीं वीडियो में देखा जा सकता है कि मंदिर के आधार का निर्माण पूरा हो गया है। शेष बचा काम जल्द ही पूरा हो जायेगा।

अक्टूबर में पूरा हो जाएगा पहला फेज

रामनवमी
श्रीराम मंदिर का 50 फीसदी  से ज्यादा निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। गर्भ गृह की दीवारें पूरी हो चुकी हैं। चंपत राय के मुताबिक अक्टूबर 2023 तक राम मंदिर का पहला फेज पूरा हो जाएगा। एक से 14 जनवरी 2024 के बीच कभी भी प्राण प्रतिष्ठा हो सकती है। उनका कहना है कि रामलला की मूर्ति 51 इंच की होगी, जो गर्भगृह में बने चबूतरे पर स्थापित होगी।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के मुताबिक 1992 से तराशे जा रहे पत्थरों का 10 फीट ऊंचा पिलर चारों तरफ खड़ा हो गया है। अब गर्भगृह के चबूतरे का काम चल रहा है। इसके साथ ही पिलर को और 10 फीट ऊंचा किया जा रहा है, फिर छत डाली जाएगी।

पीएम स्थापित करेंगे रामलला की मूर्ति
पिछले दिनों 15 मार्च को मूर्ति निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट के एक प्रमुख सदस्य और राम मंदिर के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने ठाणे के डोबिवली में मीडिया से कहा था कि मंदिर का निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा है। जनवरी 2024 के तीसरे सप्ताह में, राम लला (बाल भगवान राम) की मूर्ति को उसके मूल स्थान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों स्थापित किया जाएगा।

उनका कहना है ‘रामलला की मूर्ति को एक मूर्ति को एक मंदिर में स्थापित करने से पहले लंबे समय तक एक कपड़े के पंडाल में रखा गया था, लेकिन अब भगवान को उनके मूल स्थान पर स्थानांतरित करने का समय आ गया है। मूर्ति को उसके मूल स्थान पर स्थानांतरित करने के बाद भी मंदिर का काम जारी रहेगा। हमारा लक्ष्य गर्भगृह, पहली मंजिल पर काम पूरा करना और जनवरी 2024 से पहले दर्शन की व्यवस्था करना है। https://sarthakpahal.com/

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