
देहरादून, 19 जुलाई। उत्तर प्रदेश के सैफई जिला इटावा में बन रहे श्री केदारनाथ धाम के प्रतिकृति मंदिर का श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी)ने विरोध किया है।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा है कि ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम का पौराणिक तथा धार्मिक महत्व है। वेद पुराणों में वर्णित है कि श्री केदारनाथ धाम हिमालय क्षेत्र में स्थित है। अत: श्री केदारनाथ मंदिर की प्रतिकृति का मंदिर अन्यत्र नही बनना चाहिए। यह धार्मिक मान्यताओं के विरुद्ध है। बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा कि इस बावत विधिक राय के बाद आगे समुचित कदम उठाये जायेंगे।
कहा कि प्रदेश सरकार भी इस संबंध में अपने स्तर से कार्य कर रही है पिछले वर्ष दिल्ली में प्रस्तावित श्री केदारनाथ मंदिर निर्माण तथा केदारनाथ ट्रस्ट दिल्ली पर प्रदेश सरकार ने रोक लगवायी। इस संबंध में कानून बनाने हेतु प्रदेश कैबिनेट में पहले ही प्रस्ताव हुआ कि चारधाम के नाम का दुरूपयोग करने पर कानूनी कार्रवाई संभव हो सकेगी। उन्होंने कहा कि इटावा में निर्माणाधीन केदारेश्वर मंदिर के विषय में बीकेटीसी उचित कदम उठायेगी।
उल्लेखनीय है कि विगत दिनों समाजवादी पार्टी के नेता उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशियल मीडिया में सैफई इटावा में बन रहे केदारनाथ धाम की प्रतिकृति मंदिर का एक वीडियो पोस्ट किया जिसके बाद तीर्थ पुरोहितों में भी आक्रोश है।