
ऋषिकेश, 11 दिसम्बर। खेल और जोड़ों की चोट से संबंधित परेशानी है तो घबराइये नहीं। एम्स ऋषिकेश में इलाज के लिए एक विशेष स्पोर्ट्स इंजरी क्लीनिक संचालित किया जा रहा है। खासतौर से युवाओं और खिलाड़ियों के लिए यह क्लीनिक विशेष लाभकारी सिद्ध हो रहा है।
इसी साल फरवरी में हुआ था स्थापित
जोड़ों और लिगामेंट से संबंधित चोटों के उन्नत उपचार को एम्स में अब समर्पित स्पोर्ट्स इंजरी क्लिनिक संचालित है। संस्थान के ट्राॅमा सेंटर में स्थापित ओपीडी एरिया से इस क्लीनिक का संचालन किया जाता है। इसी वर्ष फरवरी में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के दौरान सरकार द्वारा एम्स ऋषिकेश को खेल व चोट प्रबंधन हेतु अधिकृत किया गया था।
जोड़ों और लिगामेंट से संबंधित चोटों के उन्नत उपचार को एम्स में अब समर्पित स्पोर्ट्स इंजरी क्लिनिक संचालित है। संस्थान के ट्राॅमा सेंटर में स्थापित ओपीडी एरिया से इस क्लीनिक का संचालन किया जाता है। इसी वर्ष फरवरी में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के दौरान सरकार द्वारा एम्स ऋषिकेश को खेल व चोट प्रबंधन हेतु अधिकृत किया गया था।
वर्ष की शुरुआत में 28 जनवरी से 14 फरवरी तक चले इस आयोजन के दौरान तब एम्स की स्पोर्ट्स इंजरी क्लिनिक की टीम ने कई खिलाड़ियों का सफल उपचार कर उन्हें स्वास्थ्य लाभ पहुंचाया था, जबकि पिछले महीने संस्थान के प्रेसीडेंट प्रो. राजबहादुर और कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने स्पोर्ट्स इंजरी क्लीनिक से भी इसे बढ़ावा देने की बात कही गई थी। संस्थान द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही इस स्वास्थ्य सुविधा से बाइक दुर्घटनाओं में लगने वाली घुटने की चोट, जोड़ों को खिसकने और तेज दर्द जैसी समस्याओं का समाधान भी आसान हो जाएगा।
संस्थान का उद्देश्य खिलाड़ियों व सामान्य मरीजों को उन्नत उपचार और पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध करवाकर उन्हें शीघ्र स्वस्थ करना है। स्पोर्ट्स इंजरी क्लीनिक की उपलब्धियों संग एम्स ऋषिकेश देश का एकमात्र संस्थान है, जहां पिछले पांच वर्षों से स्पोर्ट्स इंजरी पाठ्यक्रम में एमसीएच की उपाधि प्रदान की जा रही हैं।
– प्रो. मीनू सिंह, कार्यकारी निदेशक, एम्स ऋषिकेश



