उत्तराखंडबड़ी खबरयूथ कार्नरशिक्षासामाजिकस्वास्थ्य

ऋषिकेश-भानियावला फोरलेन परियोजना पर संकट बरकरार, हाईकोर्ट की रोक जारी

Listen to this article

नैनीताल, 31 दिसम्बर।  उत्तराखंड के ऋषिकेश-भानियावाला फोरलेन परियोजना से अभी संकट के बादल छंटे नहीं हैं। परियोजना की जद में आ रहे पेड़ों को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) उच्च न्यायालय को पूरी तरह से संतुष्ट नहीं कर पाया है।

एनएचएआई उच्च न्यायालय को संतुष्ट नहीं कर पाया
ऋषिकेश-भानियावाला फोरलेन परियोजना से अभी संकट के बादल छंटे नहीं हैं। परियोजना की जद में आ रहे पेड़ों को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) उच्च न्यायालय को पूरी तरह से संतुष्ट नहीं कर पाया है। परियोजना पर रोक बरकरार रहेगी।देहरादून निवासी रेनू पाल की ओर से दायर जनहित याचिका पर बुधवार को मुख्य न्यायाधीश जी. नरेन्दर की अगुवाई वाली खंडपीठ में सुनवाई हुई। एनएचएआई की ओर से खंडपीठ को बताया गया कि एलीवेटेड रोड की जद में पहले से अधिक पेड़ आ रहे हैं। एलिवेटेड रोड के निर्माण पर अधिक पेड़ काटे जाएंगे। यह भी कहा गया कि परियोजना के तहत प्रस्तावित लगभग सात किलोमीटर में से लगभग तीन किलोमीटर एलीवेटेड रोड का निर्माण किया जाना है। शेष लगभग चार किमी हिस्सा एलीवेटेड नहीं है।

परियोजना के लिए रोड़ा बने हैं 4000 पेड़ और दो हाथी गलियारे
एनएचएआई की ओर से यह भी कहा गया कि एलीवेटेड रोड के निर्माण के मामले में को लेकर केंद्र सरकार के साथ एक बैठक संपन्न हो चुकी है। हालांकि खंडपीठ इससे सहमत नहीं हुई कि एलीवेटेड रोड की जद में पहले से अधिक पेड़ आ रहे हैं। अंत में खंडपीठ ने फोरलेन परियोजना के निर्माण पर रोक को बरकरार रखते हुए एनएचएआई से ठोस प्रस्ताव पेश करने को कहा है। इस मामले में अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद होगी। याचिकाकर्ता की ओर से दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि परियोजना की जद में लगभग 4000 पेड़ और दो हाथी गलियारा (एलीफेंट कोरिडोर) आ रहे हैं। यह उच्चतम न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button