
हरिद्वार, 14 फरवरी। ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज के बीएएमएस द्वितीय वर्ष के छात्र ने गंगा में कूदकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार शाम छात्र यशपाल (23) पुत्र पुष्पेंद्र पाल निवासी साही भवन इंद्रा नगर जिला गोरखपुर यूपी हाल मायापुर का शव पथरी पावर हाउस से बरामद हुआ। कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें उसने खुद को असफल इंसान बताने के साथ ही जिंदगी से हार जाने का जिक्र करते हुए जान देने की बात कही है।
छात्रों ने कालेज प्रबंधन पर आरोप लगाया
शनिवार की सुबह इसका पता चलने पर साथी छात्रों ने कॉलेज में हंगामा शुरू कर दिया। सभी ने कॉलेज प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने पर कई घंटे बाद छात्र माने। पुलिस के अनुसार, यशपाल (23) पुत्र पुष्पेंद्र पाल निवासी साही भवन इंद्रानगर जिला गोरखपुर यूपी यहां मायापुर में किराये के कमरे में रहकर ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज से बीएएमएस की पढ़ाई कर रहा था और उसका दूसरा साल था।
कॉलेज के छात्र-छात्रों ने किया प्रर्दशन

घटना की खबर फैलते ही कॉलेज परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। जिसके बाद शनिवार को छात्र-छात्राओं ने कॉलेज के मेन गेट को बंद कर कॉलेज परिसर में प्रदर्शन किया। छात्रों ने कहा कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए, ताकि आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों का पता चल सके। छात्रों का आरोप है कि यशपाल काफी होनहार स्टूडेंटस था, लेकिन वह पढ़ाई संबंधी कारणों से मानसिक दबाव में था। इस वजह से वह नियमित रूप से अपनी कक्षा में भी नहीं आ रहा था। जांच से ही सच्चाई सामने आएगी।
शुक्रवार से उसका कुछ पता नहीं चल पा रहा था। इसी बीच देर शाम पथरी पावर हाउस से एक शव बरामद हुआ। साथी छात्र कमरे पर पहुंचे तो यशपाल नहीं मिला, इसके बाद उन्होंने मायापुर चौकी पहुंचकर सूचना दी। शनिवार सुबह पुलिस ने मोर्चरी ले जाकर शिनाख्त कराई तो उन्होंने यशपाल के रूप में मृतक की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने कमरे पर पहुंचकर तलाशी ली तो सुसाइड नोट बरामद हुआ। आत्महत्या के बाद छात्रों का गुस्सा भड़क गया।
छात्र-छात्राओं ने कॉलेज में हंगामा करे हुए परिषद निदेशक का घेराव किया। आरोप लगाया कि परीक्षाओं और परिणाम में देरी के चलते छात्र मानसिक तनाव झेलते हैं। आरोप लगाया कि यशपाल की आत्महत्या के पीछे भी यही कारण है कि वह मानसिक रूप से टूट चुका था और आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर हो गया।
हंगामे के बाद शहर कोतवाली पुलिस और सिटी मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचीं। किसी तरह छात्रों को समझा-बुझाकर शांत कराया और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। तब उनका गुस्सा शांत हो पाया। शहर कोतवाली प्रभारी रितेश शाह ने बताया कि परिजनों के पहुंचने पर पोस्टमार्टम कराया जाएगा। मामले की जांच की जा रही है।
सुसाइड नोट की होगी जांच
पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर उसकी जांच की जा रही है। छात्र के दोस्तों, शिक्षकों और परिजनों से भी पूछताछ की जाएगी। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में परिवार, मित्रों और संस्थानों को समय रहते संवाद और परामर्श की पहल करनी चाहिए, ताकि किसी को भी इस तरह का आत्मघाती कदम उठाने की नौबत न आए।



