
देहरादून, 5 अप्रैल। ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज GEIMS ने एक बेहद जटिल और दुर्लभ आपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर चिकित्सा जगत में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। ऐसी महिला का सफल प्रसव हुआ है जिसकी बच्चेदानी में करीब 20 गांठें थीं। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि देश में इस तरह के ऑपरेशन में पहली बार सफलता मिली है। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
देश में पहली बार बच्चेदानी से 20 गांठें निकाली गयी
कंसल्टेंट गायनेकोलॉजिस्ट व लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. दिव्या मिश्रा के मुताबिक 32 वर्षीय महिला काफी समय से पेट दर्द और भारीपन की समस्या से जूझ रही थी। जांच के दौरान बच्चेदानी में गांठें होने की बात पता चल गई थी। प्रसव से पहले गांठों को निकालना जरूरी था। आमतौर पर डाक्टर बच्चेदानी निकालने की सलाह देते हैं, लेकिन ग्राफिक एरा के डाक्टरों ने मायोमेक्टोमी का निर्णय लिया।
आपरेशन के लिए नयी तकनीक अपनाई गयी
ऐसी स्थिति में अधिक रक्तस्राव का खतरा था। इससे जच्चा-बच्चा की जान भी जोखिम में पड़ सकती थी। ऑपरेशन थियेटर में इसके लिए नई तकनीकी अपनाई गई। सर्जरी को फास्ट कर रक्तस्राव कम कर दिया गया। जच्चा-बच्चा को अब अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। यह सफल आपरेशन डॉ. दिव्या मिश्रा प्रसूती एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ और उनकी टीम द्वारा किया गया। सर्जरी के बाद दोनों जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं।
विश्व में अपनी तरह का यह दूसरा और देश का पहला मामला
उन्होंने बताया कि देश में ऐसा कोई केस पहले कभी रिपोर्ट नहीं किया गया है। विश्व में यह अपनी तरह का दूसरा मामला है। इससे पहले नाइजीरिया में एक मामला दर्ज किया गया था। ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. कमल घनशाला ने इस कामयाबी पर डॉ. दिव्या मिश्रा को बधाई देते हुए कहा कि ग्राफिक एरा अस्पताल में देश की नवीनतम तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।



