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किन्नरों की बधाई राशि पर ‘कैप’ लगाने का विरोध, रजनी रावत ने हाईकोर्ट जाने की दी धमकी

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देहरादून, 3 मई। नगर निगम की बोर्ड बैठक में किन्नर समुदाय को दी जाने वाली बधाई राशि को अधिकतम 5100 रूपये तय करने का फैसला अब विवादों में घिर गया है. पूर्व राज्य मंत्री और किन्नर नेता रजनी रावत ने इस फैसले का विरोध किया है. रजनी रावत ने चेतावनी दी है कि अगर नगर निगम ने फैसला वापस नहीं लिया तो मामला हाई कोर्ट तक ले जाया जाएगा.

हम किसी से जबरदस्ती पैसा नहीं लेते : रजनी रावत का तर्क
बता दें नगर निगम की बोर्ड बैठक इस बार दो दिन तक चली. जिसमें कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी है. बोर्ड बैठक के दूसरे दिन कई पार्षदों ने किन्नरों द्वारा बधाई धनराशि मनमाने तरीके से लेने पर आवाज उठाई. काफ़ी देर तक चर्चा होने के बाद सभी पार्षदों की सहमति के बाद निर्णय लिया गया था कि विवाह समारोह ओर परिवार में किसी भी तरह की खुशी पर अब किन्नरों को बधाई में अधिकतम 5100 रूपये की धनराशि दी जाएगी.

बधाई मांगना हमारा सांस्कृतिक अधिकार
रजनी रावत ने इस निर्णय को किन्नर समुदाय की सदियों पुरानी परंपराओं और अधिकारों में हस्तक्षेप बताया है। उनका कहना था कि बधाई राशि स्वेच्छा से दी जाती है और इसे किसी सरकारी आदेश के जरिये तय नहीं किया जा सकता। उनका दावा है कि बधाई मांगना उनकी संस्कृति का हिस्सा है और इसे कानून के दायरे में बांटना गलत है। उनका कहना था कि यह उनके समुदाय की आजीविका का एकमात्र साधन है और इस पर किसी भी प्रकार का प्रतिबंध उनके अधिकारों का हनन होगा।

वहीं, नगर आयुक्त नमामि बंसल ने बताया लगातार बोर्ड के जितने भी अधिवेशन हुए है तो यह विषय उठा है. पूर्व की बैठकों में समिति बनाने का विषय आया था. इसके बाद सभी पार्षदों के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए अधिकतम धनराशि 5100 रूपये तय किए जाने का सर्वसमिति से निर्णय लिया गया है. नगर निगम की ओर से इसमें जन जागरूकता किया जाएगा. नगर निगम के पास कोई अनुभाग नहीं है न ही मैन पावर है,तो आइसीई के माध्यम से सभी को सूचना उपलब्ध कराई जाएगी.

पूर्व राज्यमंत्री रजनी रावत ने शनिवार को नगर निगम में पहुंच कर इस मामले में मेयर सौरभ थापरियल ओर नगर आयुक्त से मुलाकात की. उस दौरान नगर निगम में तीसरे दिन की बोर्ड बैठक चल रही थी. मेयर से रजनी रावत ने वार्ता करने के लिए कहा है. रजनी रावत ने कहा यह उनकी परंपरा और अधिकारों में दखल है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि यह फैसला वापस नहीं लिया गया तो मामला हाई कोर्ट तक ले जाया जाएगा.

रजनी रावत ने कहा हम किसी से जबरदस्ती पैसा नहीं लेते हैं. लोग अपनी खुशी से देते हैं. नगर निगम का यह फैसला पूरी तरह गलत है. अगर इसे वापस नहीं लिया गया तो हम इसके खिलाफ हाई कोर्ट जाएंगे.

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