क्राइमदेश-विदेशबड़ी खबरसामाजिक

सिर्फ 2 दिन का पेट्रोल बचा, पंपों पर मारामारी? PIB फैक्ट चेक में सामने आया असली सच

नई दिल्ली, 18 मई। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोशल मीडिया पर देश में ईंधन संकट को लेकर एक सनसनीखेज दावा तेजी से वायरल हो रहा है. इंटरनेट पर प्रसारित हो रही एक कथित न्यूज में दावा किया जा रहा है कि भारत के पास केवल दो दिनों का पेट्रोल और डीजल शेष बचा है. इस फर्जी पोस्ट में देश भर के पेट्रोल पंपों पर अफरातफरी और हिंसा होने की बात भी कही जा रही है. हालांकि, सरकार ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे एक बड़ी अफवाह करार दिया है.

पीआईबी (PIB) फैक्ट चेक ने खोली पोल
सोशल मीडिया पर फैल रही इस भ्रामक खबर का संज्ञान लेते हुए प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक विंग ने इसकी गहन जांच की. जांच में सामने आया कि यह पूरी रिपोर्ट फर्जी और मनगढ़ंत है. पीआईबी ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और नागरिकों को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है.

60 दिन का स्टॉक सुरक्षित
सरकारी एजेंसी ने बयान जारी कर कहा, “इंटरनेट पर किया जा रहा यह दावा पूरी तरह से निराधार है. भारत के पास वर्तमान में लगभग 60 दिनों का कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) भंडार सुरक्षित है. इसके अलावा देश में मांग को पूरा करने के लिए अतिरिक्त रिफाइनिंग क्षमता भी मौजूद है. आम जनता से अपील है कि वे ऐसी झूठी खबरों पर विश्वास न करें और केवल सरकारी स्रोतों से प्राप्त प्रमाणित जानकारियों को ही सही मानें.” IOCL और BPCL जैसी पेट्रोलिंग कंपनियों ने स्पष्ट किया है तेल डिपो से पेट्रोल पंपों तक ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य और सुचारू रूप से चल रही है।

अफवाहों से बढ़ा पैनिक, तेल कंपनियों ने दी सफाई
इस झूठी पोस्ट के वायरल होने के बाद कई शहरों में लोग डर की वजह से पेट्रोल पंपों पर अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने पहुंच गए, जिससे कुछ स्थानों पर अस्थाई रूप से लंबी कतारें देखने को मिलीं. इंडियन ऑयल (IOCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) जैसी प्रमुख तेल कंपनियों ने पुष्टि की है कि डिपो से आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है और पैनिक बाइंग (डर में खरीदारी) के कारण स्थानीय स्तर पर दबाव बढ़ा है, जिसे जल्द ही नियंत्रित कर लिया गया है.

फर्जी खबरों और दुष्प्रचार से कैसे निपटें?
विशेषज्ञों के अनुसार, संकट के समय ऐसी फर्जी खबरों का फैलना समाज में अस्थिरता पैदा कर सकता है. यदि आपको भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ऐसी कोई संदिग्ध पोस्ट दिखाई देती है, तो इन नियमों का पालन करें:

तुरंत रिपोर्ट करें: फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर) या व्हाट्सएप पर दिखने वाली ऐसी पोस्ट को ‘Misleading’ (भ्रामक) या ‘Fake News’ श्रेणी में रिपोर्ट करें. किसी भी बड़ी खबर को साझा करने से पहले पेट्रोलियम मंत्रालय या पीआईबी की वेबसाइट पर जाकर उसकी सत्यता जांचें.

यदि कोई जानबूझकर अफवाह फैला रहा है, तो राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर इसकी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है.

Related Articles

Back to top button