
यमकेश्वर, 5 जून। महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय, बिथ्याणी (यमकेश्वर) में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 54वें जन्मदिन और विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दोहरे संयोग को यादगार बनाने के लिए महाविद्यालय परिसर में अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ पवित्र ‘रुद्राक्ष’ के वृक्ष का रोपण किया गया। यह पहल प्रकृति संरक्षण और महायोगी गुरु गोरखनाथ जी की परंपराओं के प्रति गहरी निष्ठा को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से की गई।


’एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को समर्पित पहल
कार्यक्रम में मुख्य वक्ताओं ने विचार रखते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जीवन और दर्शन हमेशा से ही प्रकृति, अध्यात्म और जनसेवा के प्रति समर्पित रहा है। संयोग से आज ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ भी है, जिसे पूरे देश में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के रूप में मनाया जा रहे है। ऐसे में संस्थान परिसर में औषधीय, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण रुद्राक्ष के पौधे का रोपण करना अपने आप में एक अनूठी और प्रेरणादायक पहल है। इस दौरान शिक्षकों व छात्र-छात्राओं ने पौधे की सुरक्षा और नियमित सिंचाई का संकल्प भी लिया। वक्ताओं ने कहा कि रुद्राक्ष का वृक्ष भगवान शिव और नाथ संप्रदाय की परंपराओं से गहरा संबंध रखता है, इसलिए इस शिक्षा के मंदिर में इसका रोपण होना गौरवपूर्ण है।


ग्लोबल वार्मिंग से लड़ने की ली शपथ
इस विशेष अवसर पर महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई और पर्यावरण समिति के स्वयंसेवकों ने परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया और पर्यावरण जागरूकता को लेकर एक लघु संगोष्ठी का आयोजन किया। संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि आज पूरी दुनिया पर्यावरण असंतुलन और मौसम चक्र में आ रहे बदलावों से जूझ रही है। ऐसे संकट के समय में हर नागरिक को अपनी मातृभूमि के प्रति दायित्व निभाना होगा। कार्यक्रम में मौजूद छात्र-छात्राओं ने अपने घरों और गांवों में भी कम से कम एक-एक पौधा लगाने तथा ग्लोबल वार्मिंग (वैश्विक तापन) जैसी गंभीर समस्या से लड़ने की शपथ ली।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दीर्घायु होने की कामना
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय परिवार ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व और देश-प्रदेश के विकास में उनके अमूल्य योगदान की सराहना की। उपस्थित जनसमूह ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर सफलता के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
कार्यक्रम के समापन पर महाविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। इस दौरान संस्थान के वरिष्ठ प्राध्यापक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी, भारी संख्या में छात्र-छात्राएं और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।



