
नई दिल्ली, 20 जून। भारतीय रेलवे में सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है. रेलवे नियमों का उल्लंघन करने वालों और बिना टिकट यात्रा करने वाले आदतन यात्रियों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है. सरकार ने ‘जन विश्वास अधिनियम, 2026’ के तहत रेलवे अधिनियम, 1989 में बड़े बदलाव किए हैं. इन नए संशोधनों के लागू होने के बाद अब रेलवे अपराधों के लिए जुर्माने की राशि को सीधे दोगुना कर दिया गया है.
मुकदमे से पहले पेनल्टी का मौका
नए नियमों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि रेलवे अब छोटी-मोटी गलतियों या बिना टिकट पकड़े जाने पर सीधे अदालत में मुकदमा दर्ज नहीं करेगा. नई व्यवस्था के तहत कानूनी कार्यवाही को आसान बनाने और अदालतों पर बोझ कम करने के लिए ‘कंपाउंडिंग’ व्यवस्था अपनाई गई है. टीटीई या रेलवे अधिकारी पकड़े जाने पर यात्री पर पहले पेनल्टी लगाएंगे. यदि यात्री मौके पर ही पेनल्टी भर देता है, तो मामला वहीं खत्म हो जाएगा. लेकिन अगर कोई यात्री पेनल्टी भरने से इनकार करता है, तभी उसका मामला मजिस्ट्रेट अदालत में भेजा जाएगा और कानूनी कार्रवाई होगी.
250 की जगह अब कटेंगे 500 रुपये, 1 जुलाई 2026 से लागू
रेलवे अधिनियम की धारा 137 (जानबूझकर बिना टिकट यात्रा करना) और धारा 138 (बिना वैध पास या निर्धारित दूरी से आगे यात्रा करना) में संशोधन कर न्यूनतम जुर्माने को 250 से बढ़ाकर सीधे 500 कर दिया गया है. अधिकतम 6 महीने की जेल या 1,000 जुर्माने के प्रावधान में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन अब किसी भी स्थिति में न्यूनतम 500 का अतिरिक्त शुल्क देना ही होगा. इसके अलावा, तय दूरी का वास्तविक किराया भी वसूला जाएगा. रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को इन नियमों को 1 जुलाई 2026 से सख्ती से लागू करने के निर्देश दे दिये हैं। इसलिए किसी भी परेशानी से बचने के लिए हमेशा वैध टिकट लेकर ही सफर करें।
महिला कोच में सफर करने पर 2500 जुर्माना
अगर कोई पुरुष यात्री महिलाओं के लिए आरक्षित कोच या सीट पर बैठा पाया जाता है तो उस पर 2500 का भारी जुर्माना लगेगा और उसे ट्रेन से उतार दिया जायेगा। इसके अलावा ट्रेन में सफर के दौरान उपद्रव, गाली गलौज, सह यात्रियों को परेशान या अभद्र भाषा इस्तेमाल पर 1000 रुपये का जुर्माना हो सकता है।
आपत्तिजनक सामान और ट्रांसफर टिकट पर भी भारी जुर्माना
ट्रेनों में सुरक्षा चाक-चौबंद करने के लिए रेलवे ने खतरनाक या आपत्तिजनक सामान (जैसे पटाखा, गैस सिलेंडर या ज्वलनशील पदार्थ) ले जाने पर न्यूनतम जुर्माना बढ़ाकर 10,000 कर दिया है. गंभीर मामलों में जेल भी हो सकती है. इसके साथ ही, यदि कोई यात्री किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर बुक किए गए टिकट (Transfer of Ticket) पर सफर करता पाया गया, तो उसका टिकट तुरंत ज़ब्त कर लिया जाएगा. उस यात्री से पूरी यात्रा का किराया और कम से कम 500 की पेनल्टी वसूली जाएगी. रेलवे का उद्देश्य इन कड़े नियमों से बिना टिकट यात्रा को रोकना और वैध यात्रियों के सफर को सुरक्षित बनाना है.



