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मानसून से पहले पर्वतीय क्षेत्रों में 1 जुलाई से मिलेगा अगले तीन महीने का राशन

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देहरादून, 24 जून। राज्य सरकार ने आगामी मानसून के दौरान भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए पर्वतीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में खाद्यान्न आपूर्ति की विशेष व्यवस्था की गई है। एक जुलाई से इन क्षेत्रों में तीन महीने का राशन एक साथ वितरित होगा। उत्तराखंड में बरसात के मौसम में पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में अक्सर सड़कें बंद होने और संपर्क टूटने की समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने इस बार पहले से ही तैयारी कर ली है.

1 जुलाई से शुरू होगा वितरण
अपर आयुक्त खाद्य पी.एस. पांगती ने इस बारे में बताया कि मानसून को ध्यान में रखकर पहाड़ी जिलों में जुलाई, अगस्त और सितंबर महीने का राशन पहले से ही भेजने का काम शुरू कर दिया गया था. उन्होंने बताया कि सभी गोदामों में तीन महीने का राशन पहुंच चुका है और अब 1 जुलाई से राशन डीलरों के जरिए इसका वितरण शुरू किया जाएगा. पांगती के मुताबिक जुलाई महीने के दौरान ही तीनों महीनों का राशन उपभोक्ताओं तक पहुंचा दिया जाएगा, जिससे बारिश के मौसम में खाद्यान्न आपूर्ति बाधित न हो और लोगों को समय पर उनका कोटा मिलता रहे.

सभी जिला आपूर्ति अधिकारियों को जारी कर दिये निर्देश
परिवहन व्यवस्था बाधित होने पर भी आपूर्ति सुचारु रहेगी। चारधाम यात्रा मार्ग से जुड़े जनपदों में खाद्यान्न आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इन मार्गों पर स्थित गोदामों में शत-प्रतिशत राशन की आपूर्ति पूरी कर ली गई है। विभाग ने सभी जिला आपूर्ति अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। उन्हें राशन की उपलब्धता और वितरण प्रणाली पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखनी होगी।

मानसून को देखते हुए पर्वतीय जनपदों में जुलाई, अगस्त और सितंबर माह का राशन समय से भेजने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो गई थी। उन्होंने कहा कि सभी खाद्यान्न गोदामों में तीन माह का राशन पहुंच चुका है। एक जुलाई से राशन डीलरों के माध्यम से इसका वितरण प्रारंभ होगा। जुलाई माह के दौरान ही तीनों महीनों का राशन उपभोक्ताओं को वितरित किया जाएगा। यह वितरण समयबद्ध तरीके से होगा।
पीएस पांगती, अपर आयुक्त खाद्य

अतिरिक्त खाद्यान्न भंडार रहेगा सुरक्षित
अपर आयुक्त खाद्य पीएस पांगती के मुताबिक किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए गोदामों में अतिरिक्त खाद्यान्न भंडार सुरक्षित रखने को कहा गया है। यह बफर स्टॉक के रूप में काम करेगा। इससे मानसून के दौरान खाद्यान्न आपूर्ति पूरी तरह सुचारु बनी रहेगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी उपभोक्ता वंचित न रहे।

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