
नई दिल्ली, 25 जून। देश में 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को प्रधानमत्री गरीब कल्याण योजना के तहत मंथली राशन दिया जाता है. इस योजना के तहत सरकार समय-समय पर नियमों में बदलाव करती है. सरकार ने एक और बदलाव किया है. नए नियम के तहत अब पात्र नागरिग देश के किसी भी राशन की दुकान से उचित कीमत पर अनाज ले सकते हैं.
वन नेशन वन राशन कार्ड में ATM जैसी व्यवस्था लागू
यह व्यवस्था ठीक वैसी ही पेश की गई है, जैसा बैंक में होता है. आपका किसी भी बैंक में अकाउंट हो, आप देश के किसी भी एटीएम से अपने अकाउंट से पैसा निकाल सकते हैं. अब सरकार ने राशन को लेकर भी ऐसी ही व्यवस्था लागू कर दी है. यह बदलाव सरकार ने ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ (ONORC) मिशन के तहत किया है.
व्यक्ति देश के किसी भी राज्य में ले सकता है अपने हिस्से का अनाज
इस व्यवस्था के तहत राशन कार्ड धारक अपनी सुविधानुसार विभिन्न उचित मूल्य की दुकानों से अपना राशन प्राप्त कर सकेंगे. उम्मीद है कि इस कदम से लंबी कतारें कम होंगी, रियायती राशन आसानी से उपलब्ध होगा और देश भर में राशन वितरण की व्यवस्था में सुधार होगा. इससे प्रवासी मजदूरों को सबसे बड़ा फायदा होगा।
इन लोगों को मिलेगी बड़ी राहत
संशोधित व्यवस्था के तहत लाभार्थियों को अब अपने पूरे मंथली राशन के लिए किसी एक राशन दुकान पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है. वे उपलब्धता और सुविधा के अनुसार एक उचित कीमत की दुकान से गेहूं और दूसरी दुकान के चावल ले सकते हैं. उम्मीद है कि इस लचीलेपन से परिवारों को ऐसी स्थितियों से बचने में मदद मिलेगी, जहां वे स्टॉक की कमी, तकनीकी खराबी या किसी खास दुकान पर ज्यादा भीड़ के कारण अपना पूरा राशन नहीं पा पाते.
सिर्फ एक दुकान पर निर्भर रहने की नहीं जरूरत
केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने कहा कि ONORC इंफ्रा के तहत पात्र लाभार्थी देश भर में किसी भी उचित मूल्य की दुकान से अपना राशन प्राप्त कर सकते हैं. यह सिस्टम एटीएम बैंकिंग की तरह काम करने के लिए डिज़ाइन की गई है, जहां व्यक्ति अपने रजिस्टर्ड खाते की परवाह किए बिना किसी भी एटीएम से पैसे निकाल सकते हैं. इसी प्रकार, राशन कार्ड धारक अब किसी खास दुकान से बंधे बिना कई स्थानों से अपने अनाज का लाभ उठा सकते हैं.
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत राशन कार्डों की देशव्यापी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ‘एक राष्ट्र एक राशन कार्ड’ योजना शुरू की गई थी. इससे लाभार्थियों, खासकर प्रवासी श्रमिकों और उनके परिवारों को आधार-आधारित बायोमेट्रिक अथेंटिफिकेशन के माध्यम से भारत में कहीं भी रियायती अनाज प्राप्त करने की सुविधा मिलती है. यह योजना सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू की गई है, जिससे खाद्य सुरक्षा लाभ पूरे देश में सुलभ हो गए हैं.
आने-जाने वालों के लिए बड़ी राहत
इस नए सुधार से प्रवासी श्रमिकों को लाभ होगा जो काम के लिए अक्सर शहरों और राज्यों के बीच आते-जाते रहते हैं. अब उन्हें अपने घर के जिले में स्थित निर्धारित राशन दुकान पर निर्भर रहने की बजाय, वे जहां भी रह रहे हों, वहां से अनाज प्राप्त कर सकेंगे, जिससे आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी.
अंत्योदय योजना में भी बदलाव की तैयारी
अब परिवार को फिक्स 35 किलो नहीं, बल्कि प्रत्येक सदस्य 7 किलो राशन देने का नया प्रस्ताव विचाराधीन है। केंद्र सरकार ने 13 जुलाई तक इसके लिए सुझाव मांगे हैं। बड़े परिवारों को अब ज्यादा राशन मिलेगा, लेकिन छोटे परिवारों का कोटा व्यक्ति के हिसाब से घट जायेगा।



