
ऋषिकेश/देहरादून, 7 जुलाई, 26. श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान में हेराफेरी के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए बड़ी कार्रवाई की है। समिति ने मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें बीकेटीसी के ज्योर्तिमठ कार्यालय से संबद्ध (अटैच) किया गया है।
अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा- भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस
बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि जैसे ही यह मामला संज्ञान में आया, संबंधित कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगा गया था। साथ ही निष्पक्ष जांच के लिए एक चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद यह सख्त कदम उठाया गया है, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभाव मुक्त बनी रहे।
अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि मंदिर समिति श्रद्धालुओं की आस्था और भगवान के चढ़ावे की पवित्रता को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। भ्रष्टाचार या अनियमितता के मामलों में समिति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम करती है। विस्तृत विभागीय जांच में यदि कोई अन्य व्यक्ति भी लिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ भी कठोर कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने श्रद्धालुओं से किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारियों पर विश्वास न करने की अपील की है।
स्पष्टीकरण संदेहास्पद पाए जाने पर हुई कार्रवाई: मुख्य कार्याधिकारी
बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि देर शाम जांच समिति ने आरोपी वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल के स्पष्टीकरण का बारीकी से अवलोकन किया। जवाब संदेहास्पद और असंतोषजनक पाए जाने के आधार पर ही जांच पूरी होने तक उन्हें तुरंत निलंबित करने के आदेश जारी किए गए। मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ के अनुसार, आरोपी का स्पष्टीकरण संदेहास्पद पाए जाने पर चार सदस्यीय जांच समिति की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई हुई। निलंबन के बाद आरोपी कर्मचारी को ज्योर्तिमठ कार्यालय से अटैच किया गया।



